विद्या धन सर्वहितकारी
धर्मेंद्र शर्मा उपाध्यायसिरमौर (हिमाचल प्रदेश)******************************************** ‘विद्या धन’ सबधन सुखकारी,‘विद्या धन’ सर्वजन प्रियकारी‘विद्या धन’ सर्वलोक हितकारी,‘विद्या धन’ सर्वोचित मन हारी। ‘विद्या धन’ देश-विदेश दिखाए,‘विद्या धन’ हर एक प्रतिष्ठा दिलाए‘विद्या धन’ को कभी चोर न चुराए,‘विद्या धन’ संकीर्णता को दूर भगाए। ‘विद्या धन’ तीसरा नेत्र हमारा,जन-जन को जो लगता प्यारा‘विद्या धन’ सत्य पथ पर चलाता,विचलित मन को … Read more