मेरा जीवन खुली पुस्तक की तरह, जो चाहे पढ़े-डॉ. विकास दवे

साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक डॉ. विकास दवे से मुम्बई की पीएच-डी. शोध निदेशक डॉ. पूजा अलापुरिया की लघुकथा शोध अध्येता सोनम तिवारी की खुली बातचीत | ◾सोनम- आपका साहित्यिक सफ़र कैसे शुरू हुआ ? क्या कोई खास घटना या प्रेरणा थी, जिसने आपको अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया ?🔹डॉ. दवे- … Read more

कवि सम्मेलन में ३१ साहित्यकार सम्मानित

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नाशिक (महाराष्ट्र)। सामाजिक- सांस्कृतिक संस्था विद्योतमा फाउंडेशन (नाशिक) ने अखिल भारतीय हिंदी साहित्य सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का आयोजन माहेश्वरी भवन (आर्टीलरी सेंटर रोड, नासिक) में किया। पहले सत्र में साहित्यकारों का सम्मान व दूसरे सत्र में कवि सम्मेलन हुआ।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समूह संपादक प्रकाश दुबे ने की। मुख्य अतिथि केंद्रीय विवि नाशिक … Read more

लक्ष्य को हासिल करो

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** दिन महीना पुराना, साल गुजरा,कुछ खट्टा-मीठा, भूला-बिसरा। आओ मनाएं नया, साल आ गया,कुछ नया करने का मुकाम आ गया। जो गलती हमसे, पहले हो गई,जो भी हमारी, मंज़िल छूट गई। गलती को फिर, से न दुहराना है,छूटी मंज़िल को, फिर से पाना है। सिर्फ कोरा वादा, नहीं करना है,वादा पूरा हो ऐसा, … Read more

महान पर्यावरणविद सुंदर लाल बहुगुणा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** पद्म विभूषण, महान स्वतंत्रता सेनानी, पर्यावरण आंदोलनकारी,माता पूर्णा देवी एवं पिता अम्बा दत्त बहुगुणा जी थे वन अधिकारीपुत्र ९ जनवरी १९२७ को टिहरी गढ़वाल में जन्मोत्सव की तैयारी,नाम सुंदरलाल बहुगुणा जो आज़ादी के महासंग्राम में सौंपी ज़िंदगी सारी। प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी में कर लाहौर में स्नातक की मिली उपाधि,१३ … Read more

अपनी-अपनी सोच

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अपनी-अपनी सोच है, अपनी- अपनी बात।कोई धीरज संयमी, फँसे कोय जज्बात॥ अपनी-अपनी सोच है, बढ़ना जीवन चाह।बढ़े विवेकी सत्पथी, मिलती खुद ही राह॥ अपनी-अपनी सोच है, सदाचार व्यवहार।गढ़ते जीने की कला, संस्कार परिवार॥ अपनी-अपनी सोच है, जीते जन संसार।रिश्ते-नाते सब बने, अपनापन आधार॥ अपनी-अपनी सोच है, शिक्षा या व्यापार।राष्ट्रद्रोह … Read more

पलता है उल्लास नव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* माघ मास का पुण्य फल, दिनकर बड़ा महान।सूर्य मकर में जा रहा, करते सब यशगान॥ पलता है उल्लास नव, खुशहाली का दौर।तिल लड्डू संक्रांति पर, सारे करते गौर॥ नदिया में डुबकी लगा, भर लो हृदय उमंग।आसमान से धूप ने, भेजें चोखे रंग॥ मेलों की हैं मस्तियाँ, बिखर रहा आनंद।शोभित है संक्रांति … Read more

पर्व मनाते हैं

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** संक्रांति मनाते हैं,दिनकर-पूजा करभोग को लगाते हैं। हर प्रांत मनाते हैं,तिल, गुड़, मूँगफलीसब मिल कर खाते हैं। ये नई उमंगें हैं,आसमान भर मेंउड़ रही पतंगें हैं। ये बहुत लुभाती हैं,बड़ी और छोटीमन को सब भाती हैं। मन करता उड़ जाऊँ,संग साथ इनकेहिल-मिल कर कुछ गाऊँ॥

मन नहीं करता

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ अब मन नहीं करताकिसी को अपना कहने का,हर रिश्ता अब बेमन-सा लगता हैहर बात कुछ अपरिचित-सी लगती है। अब तो अपनी परछाई भीपराई सी प्रतीत होती है,आईने में अपना ही चेहराधुंधला और थका-थका सा दिखता है। हम भी अबखुद से अनजान हो चले हैं,मन अपना नहीं रहामात्र अपने होने का आभास बचा … Read more

काव्य संग्रह ‘स्मृतियों का सिपाही’ लोकार्पित

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कुमाऊँ (हिमाचल प्रदेश)। प्लाटून कमांडर विंग (११ कुमाऊँ) में पदस्थ सूबेदार नफे सिंह योगी मालड़ा रचित संग्रह ‘स्मृतियों का सिपाही’ का लोकार्पण गरिमामय वातावरण में हुआ। संग्रह विशेष रूप से प्लाटून कमांडर विंग परिवार को समर्पित है। लोकार्पण प्लाटून कमांडर कोर्स-२९० के समापन अवसर पर हुए समारोह में जूनियर लीडर विंग के कमांडर मेजर जनरल … Read more

‘नर्मदा साहित्य मंथन’ ३० जनवरी से देअविवि सभागार में

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इंदौर (मप्र)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रेरित विश्व संवाद केन्द्र मालवा प्रतिवर्षानुसार ‘नर्मदा साहित्य मंथन’ के रूप में ३ दिनी साहित्य संवाद और मंथन सत्रों का आयोजन कर रहा है। इस वर्ष ये सत्र ३० जनवरी से १ फरवरी तक देवी अहिल्या विश्व विद्यालय के परिसर स्थित सभागार (खण्डवा रोड) में होंगे।प्रदत्त जानकारी अनुसार इस … Read more