कृष्ण बिहारी पाठक को मिला ‘रामदरश मिश्र शताब्दी सृजन’ सम्मान

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गोरखपुर (उप्र)। शताब्दी साहित्यकार पद्मश्री रामदरश मिश्र के जन्मदिन पर रामदरश मिश्र न्यास द्वारा प्रतिष्ठित शताब्दी सृजन सम्मान साहित्यकार कृष्ण बिहारी पाठक को दिया। रामदरश मिश्र न्यास द्वारा इस वर्ष पहली बार किसी आलोचना कृति को यह दिया गया है।            गरिमामयी समारोह में श्री पाठक को साहित्य अकादमी के पूर्व … Read more

प्रकृति में काव्य और कलाएं समाहित

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संगोष्ठी…. मंडला (मप्र)। मानव और प्रकृति का संबंध अत्यंत प्राचीन है। प्रकृति में काव्य और सभी कलाएँ समाहित हो जाती हैं। अज्ञेय द्वारा संपादित ‘रूपांबरा संग्रह’ में प्रकृति और काव्य की अत्यंत सुंदर व्याख्या मिलती है।      यह बात रजा स्मृति समारोह में ‘साहित्य और प्रकृति’ विषय पर हुई संगोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और … Read more

सबसे ज्यादा बेशर्म पेट

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************* सतरंगी दुनिया-३७… ईमानदारी से काम करने वालों के शौक भले पूरे ना हों, लेकिन नींद जरूर पूरी होती है। पैसा सिर्फ आपकी लाईफ-स्टाईल बदल सकता है- दिमाग, नीयत और किस्मत नहीं। इस दुनिया में आपकी कद्र तब तक है, जब तक आप किसी की जरूरत बने रहते हैं। जिस … Read more

‘कर्फ्यू’ सिर्फ शहर में ही नहीं लगते

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ ‘कर्फ्यू’ सिर्फ शहर में ही नहीं लगते,अक्सर लगा दिए जाते हैं…अघोषित, मौन और अनगिनत बंदिशों के साथस्त्री की देह और देहरी के बीच। कर्फ्यू…रूह की गहराइयों में बुना एक ऐसा जाल,जहां खामोश निगाहों के पहरे भीसड़क के सन्नाटों से ज्यादा गहरे होते हैंजहां सपनों के उगने से पहले ही,दफन कर … Read more

खून बहाने से क्या होगा…?

राधा गोयलनई दिल्ली************************************ सावन की मदमाती रुत है, खुशियाँ लाई अपार,सतरंगी रंगों से सारा रंगा हुआ संसारटेसू और पलाश महकते, मिला ताप से त्राण,प्रेमी युगलों के मन में मन्मथ ने मारे बाण। कोई हुआ प्रेम से घायल, कोई युद्ध में घायल,युद्ध में घायल हैं साजन, तो कैसे बाजे पायल ?इस जीवन के कैनवास पर अजब … Read more

किस्सा कुर्सी का

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )****************************************** कुर्सी की माला नेताजी, दिन-रात जपते रहते हैं,अच्छे-बुरे सारे काम, हर पल करते रहते हैं। प्यार की भाषा इनको, तो कभी समझ ना आती है,दुनिया में सबसे ज्यादा, कुर्सी ही इनको भाती है। अविरल प्रेम की धार है कुर्सी, यह तो इनकी जान है,कुर्सी प्रेम में मर मिटते हैं, … Read more

आदिवासी गीतों में ‘पर्यावरण’ शब्द नहीं मिलता

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वाराणसी (उप्र)। हमारी भाषा में ध्वनियों का भी अर्थ होता है। मेरी रचनाओं में सिर्फ ‘मैं’ नहीं है, ‘हम’ है। हमारे पुरखों द्वारा वाचिक परंपरा से हम तक पहुँचाया गया ज्ञान है। प्रकृति हमें सिखाती है कि हमारे बीच कुछ भी सुंदर, असुंदर नहीं है। पर्यावरण शब्द नया है। आदिवासी गीतों में आप यह शब्द … Read more

जहाँ हम पीछे, ध्यान देना बहुत ज़रूरी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*************************************** आज़ादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… शुभ घड़ी है, शुभ दिवस हैराष्ट्र का संदर्भ है,आइए इस पर्व परकुछ काम की बातें करें।   स्वतंत्रता दिवस के ७९ वर्ष बीत चुके, देखने की और सोचने की बात यह है कि इस बात का विश्लेषण करना चाहिए कि कहाँ हमने ध्यान नहीं दिया। जिन … Read more

‘ढाई आखर प्रेम का’ के लोकार्पण में बही काव्य रस की धारा

भोपाल (मप्र)। अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच की मध्य प्रदेश इकाई की अगस्त मास की काव्य चौपाल संस्था की सचिव विनीता राहुरीकर के आवास पर रखी गई। इस अवसर पर ५१ लघुकथाकारों के प्रेम पर आधारित लघुकथा संग्रह ‘ढाई आखर प्रेम का’ (संपादन संतोष श्रीवास्तव, मुजफ्फर इकबाल सिद्दीकी) का लोकार्पण हुआ। इसमें लघुकथा शोध केंद्र की … Read more

राजभाषा पत्रिका ‘सहस्रधारा’ विमोचित

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देहरादून (उत्तराखंड)। ओएनजीसी के ७१वें स्थापना दिवस पर तेल भवन में आयोजित समारोह में ओएनजीसी मुख्यालय राजभाषा विभाग की अर्द्ध वार्षिक पत्रिका ‘सहस्त्रधारा’ का विमोचन किया गया। ओएनजीसी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह और निदेशक मंडल के सदस्यों मनीष पाटिल व अनुपम अग्रवाल सहित अन्य ने पत्रिका का लोकार्पण किया। इसमें … Read more