एहसान जताते लोग हैं

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** एहसान ऐसे फालतू क्यों कर जताते लोग हैं।दरअसल में इंसानियत को भूल जाते लोग हैं। फुरसत नहीं एक-दूसरे को बोलने की घर में कभी,वो गैर का हमदर्द बन अपना मगज खपाते लोग हैं। जो झांकते हैं और के घर में हमेशा उछल कर,दिल में लगाये घूमते ऊंचे अहाते लोग हैं। जो समझते … Read more

वतन के लोगों…

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर(मध्यप्रदेश)***************************************** ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. वतन के लोगों वतन को,आतंक से बचा लो,आतंक के कहर को मिलकर वतन से निकालोसोने की चिड़िया के वतन को फिर से सजा लो,संबंधो के बंधन कभी न टूटे,इन्हें मजबूत बना लो।वतन के लोगों… आतंक का जहर कहीं फैल ना जाए वतन … Read more

देश मेरे

ऋचा सिन्हानवी मुंबई(महाराष्ट्र)************************************* ७५ बरस की आजादी का अमृत और हम सपर्धा विशेष…. देश मेरे,देश मेरे,दिल है तेरे लिएकृतज्ञ हूँ ऐ देश मेरे,जाँ है तेरे लिए…। तेरी हथेली पर खिलती है,सूरज-चाँद की रोशनीतेरे माथे पे सजती है,झिलमिलाती चुनरीचकित हूँ ऐ देश मेरे।जाँ है तेरे लिए… नाना विधि के धर्म हैं बिखरे,जीवन पर आधारेत्योहारों के रंग … Read more

सरलता में अविरल था कभी

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** सरलता में अविरल था कभीबनावट में हट-सा हूँ अभी,ठहाकों से दूर,मुस्कान भरमात्र खाली घट-सा हूँ अभी। भाव मिटे,उर घाव बढ़ेघावों पर अपने ही पाँव पड़े,पांवों पर भी पड़े हैं छालेग्रीष्म रेतीले तट-सा हूँ अभी। कहने को बहती नदिया-सासागर तलक-सा हूँ अभी,नीर भरोसे बरसातों केउफ़ानी रट-सा हूँ अभी। ठहराव नहीं,संग भाव भीप्यासे को … Read more

वाह ज़िन्दगी

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* अरी!वाह ज़िन्दगी,कभी खट्टी,कभी मीठी,कभी तीखी,कभी फीकीकभी कड़वी,कभी कसैली,कभी स्वाद,कभी बेस्वाद लगती है।फिर भी-तुम कुछ भी कहो,ज़िन्दगी बड़ी खूबसूरत लगती है॥ अच्छी भी,बुरी भी,खरी भी,खोटी भीबिंदास भी,शालीन भी,लम्बी भी,छोटी भीतरह-तरह के रंगों में ढलती है।फिर भी-तुम कुछ भी कहो,ज़िन्दगी बड़ी खूबसूरत लगती है॥ प्यार-तिरस्कार के बीच,मान-अपमान के बीचजीत-हार के बीच,अहम-स्वाभिमान के बीचपल-पल मौसम … Read more

बाढ़ और सूखा:पहल आवश्यक

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** कहीं पर इतनी बारिश है कि बाढ़ आ गई है। पहले मुंबई में महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा और कई ट्रेनों का रास्ता बदलना पड़ा। ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होने से अलग-अलग जगह हजारों यात्री फँस गए। मुम्बई के अलावा कई जिलों में बाढ़ … Read more

अपने ही सिपहसालारों से घायल कांग्रेस…!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** पहले ही अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस इन दिनों अपने ही सिपहसालारों के ‘बुक बमों’ से घायल हुई जा रही है। इसी महीने यह दूसरा मौका है,जब दल असहज मुद्रा में है। समर्थन करें या खारिज करें। कांग्रेसनीत यूपीए सरकार में केन्द्रीय मंत्री रहे सलमान खुर्शीद ने अपनी ताजा पुस्तक में राष्ट्रीय … Read more

मुस्कान है श्रृंगार

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** यह चेहरे का श्रृंगार है,लोकप्रियता का आधार है।नम्र शब्द,नई दृष्टि संग,नेकदिल मुस्कान,एक सुन्दर उपहार है।यह उपक्रम लोगों को,लगता जैसे मिला यहां,एक उत्तम उपहार है।बनावटी हँसी से हमें,हरपल परहेज़ हों।कभी-कभी भी नहीं,इसका प्रयोग हो।मुस्कान का रूप मुस्कुराहट,खूब खुशियाँ देती है।प्रेम,प्यार,उत्तम व सगुण,सन्देश देती है।मुस्कान से हम सर्वत्र,स्वच्छ वातावरण बनाते हैं।कठोर से कठोर लोग भी,इसके प्यार … Read more

पुण्य पथ का भाव

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* कर्म ऐसा आप करते नित चलें।पुण्य पथ का भाव अंतर नित ढलें॥ बोलिए शुभ बोल भाषा नेक हो,हम मनुज के भाव निर्मल एक हो।द्वेष-छल को त्यागकर समता पले,कर्म ऐसा आप करते नित चलें…॥ सत्य पथ की राह पर चल सर्वदा,काम आता सत्य का पथ ही सदा।बैर टूटे दूर होवे फासले,कर्म ऐसा … Read more

खूब लुभाती रेल

अरशद रसूलबदायूं (उत्तरप्रदेश)****************************************** छुक-छुक करती आती रेल,सबको खूब लुभाती रेलदूर नगर से आती रेलदूर तलक पहुंचाती रेल। आओ आहिल और इमाद,तुम भी आ जाओ दिलशादलग जाओ आगे-पीछे,ऐसे ही बन जाती रेल। देख के करना फाटक पार,आँख खुली रखना हर बारसुनना खूब लगाकर कान,सीटी तेज़ बजाती रेल। चलती रहती है कैसे,साथ चलो रेल के जैसेमौसम से … Read more