माँ शैलपुत्री-१

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** हिमवान-मैना के आंगन में,दिव्य चेतना ने ली अंगड़ाईनवसृष्टि की प्रथम किरण बन,सुता शैलपुत्री धरती पर आई। निहार शिखरों का नीरव तप,मौन तोड़, पावनता से बोलाप्रकृति के प्रत्येक कण-कण ने,शिव-शक्ति का रहस्य खोला। कमल सम पद, नैनों में ज्योति,वे एक हाथ में त्रिशूल धारिणीदूजे हाथ में है कमल सा जीवन,वे … Read more

ईश्वर तुम रुष्ट हो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* बहुत हुई इस बार तो, मानसून की मार।इंसानों की बस्तियाँ, गईं आज हैं हार॥ दिया प्रकृति ने देश को, चोखा इक संदेश।छेड़-छाड़ हो प्रकृति से, तो भोगो आवेश॥ बिगड़े किंचित संतुलन, तो होगा आघात।मौन संदेशा प्रकृति का, सौंप रहा जज़्बात॥ मानसून की मार का, रहा न कोई छोर।घबराये इंसान सब, पीड़ित … Read more

हिंदी अध्यापकों ने लिया प्रशिक्षण

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हैदराबाद (तेलंगाना)। केंद्रीय हिंदी संस्थान (हैदराबाद केंद्र) द्वारा तेलंगाना राज्य के निर्मल जिले के हिंदी अध्यापकों के प्रशिक्षण के लिए नवीकरण पाठ्यक्रम का आयोजन ८ से २० सितम्बर तक किया गया। इसका समापन शुक्रवार को केंद्रीय हिंदी संस्थान (आगरा) के निदेशक प्रो. सुनील बाबूराव कुलकर्णी ने आभासी मंच के माध्यम से अध्यक्षता करते हुए किया।इसमें … Read more

कोई तो मिले…

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* सोचता हूँ कई बार,सावन के मौसम मेंएक सुहानी शाम को,बरसात को चाय पर बुलाऊँकहूँ उसे साथ अपने,थोड़ा-सा धूप का टुकड़ा भीलेकर आए…। वैसे तो उनके साथ मैं,हल्के-हल्के बहती सावन कीबारिश में लिपटी ठंडी हवाओं के,झोंकों को भी चाय पर बुलाऊँसाथ उनके सारी रात गप-शप करूँ…। वे आएँगे या नहीं! मन मेरा,शंकित-सा … Read more

तने हुए लोग… क्यों ??

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* नहीं अच्छा लगता…बाण पर कसे तीर जैसे हमेशा कसे हुए रहना। हर वक्त बेवजह चौकस तने हुए रहना, जैसे बस अभी ही युद्ध छिड़ने वाला हो… जैसे आज ही प्रलय आ जाएगा, जैसे पूरे देश का खर्चा-पानी यही चला रहे हैं। क्यों लोग खिलखिलाकर हँसने को शिष्टाचार के ख़िलाफ़ समझते हैं…? … Read more

युद्ध-आतंक के दौर में शांति के लिए भारत की महती पुकार

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘अन्तर्राष्ट्रीय शांति दिवस’ (२१ सितम्बर) विशेष… ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस’ मनाना आज के समय की सबसे बड़ी मानवीय आवश्यकता है। जब पूरी दुनिया युद्ध, हिंसा, आतंकवाद, जलवायु संकट और असमानताओं के दौर से गुजर रही हो, तब शांति का महत्व केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि अस्तित्व का आधार बन जाता है। इतिहास गवाह … Read more

हिंदीतर भाषी राज्यों के लिए निःशुल्क प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

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हैदराबाद (तेलंगाना)। राजभाषा विभाग स्वर्ण जयंती पर ‘हिंदी दिवस’ के उपलक्ष्य में देश के हिंदीतर भाषी क्षेत्र के युवा वर्ग को प्रोत्साहित करने हेतु नि:शुल्क प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (हिंदी, भारतीय भाषाओं, संस्कृति, साहित्य और सामान्य ज्ञान संबंधित विषय) आयोजित कर रहा है।केंद्रीय हिंदी संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा और भारतीय भाषा मंच के तत्वावधान में … Read more

गंध व रसतत्व से तृप्त होते हैं पितर

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** प्राय: कुछ लोग यह शंका करते हैं कि श्राद्ध में समर्पित की गईं वस्तुएँ पितरों को कैसे मिलती है ?कर्मों की भिन्नता के कारण मरने के बाद गतियाँ भी भिन्न-भिन्न होती हैं। कोई देवता, कोई पितर, कोई प्रेत, कोई हाथी, कोई चींटी, कोई वृक्ष और कोई तृण बन जाता है। तब मन … Read more

आत्मकथा ‘फाँसी’ की अनूदित पुस्तक लोकार्पित

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हैदराबाद (तेलंगाना)। प्रेस क्लब बशीरबाग में राइटर्स एंड जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन तेलंगाना व कवियात्रा के संयुक्त तत्वावधान में लेखक के. राजन्ना की हिंदी में लिखी गई आत्मकथा ‘फाँसी’ की डॉ. कारम शंकर द्वारा अनूदित पुस्तक ‘उरी कंबम नीड़लो’ (तेलुगु) का लोकार्पण सेवानिवृत्त न्यायाधीश मंगारी राजेन्दर ‘जिंबो’ ने किया। अध्यक्षता महाकवि निखिलेश्वर ने की।निखिलेश्वर ने कहा कि … Read more

हिय वास हिन्दी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** कितनी मनभावन तान हिन्दी,महके जग में, पहचान हिन्दीसुरम्य सरलीकृत भाष हिन्दी,अपने मुल्क की छवि मान हिन्दी। रखते सबसे कमतर हिन्दी,पर आत्मविश्वास, तलाश हिन्दीसभ्य संस्कृत मातु विस्तार हिन्दी,रस, छंद अलंकृत गान हिन्दी। समस्त विषयों पर राज हिन्दी,बगिया महके भर-भाव हिन्दीविपरीत-विशेषण कोष हिन्दी,विधि-भाष-विज्ञान-सिद्धांत हिन्दी। सुलझा गुण-दोष प्रज्ञानभरी,लक्षणा अविधा सह व्यंग्य भरीसुभ्र, साहित्य … Read more