राजभाषा हिन्दी के प्रति प्रेम दर्शाती रचनाएं प्रस्तुत

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गाजियाबाद (उप्र)। अमित्र थिएटर (पटेल नगर, गाजियाबाद) के सभागार में १४ सितंबर की शाम को अखिल भारतीय साहित्य परिषद का मासिक काव्य समारोह ‘हिन्दी दिवस’ को समर्पित रहा। इसमें फिल्म उद्योग से जाने-माने ग़ज़लकार, गीतकार एवं लेखक डॉ. प्रमोद कुमार कुश ‘तन्हा’ ने अध्यक्ष पद के दायित्व का निर्वहन किया।आयोजन के मुख्य अतिथि वरिष्ठ ग़ज़लकार … Read more

श्रध्दा का मान हो

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)…. वह हमारे पितृ, हमारे लिए सब कुछ हैं,उनकी आशाओं पर हम सटीक बैठेंयही अभिलाषा है हम सभी की,श्राद्ध दिन में श्रध्दा का मान हो…। उनका दुनिया से चले जाना,पर दुनिया में उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना हमारा फ़र्ज़ है हमारा धर्म है,श्राद्ध … Read more

सुरमयी संध्या तले

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* धीरे-धीरे संध्या बिल्ली के कदमों से कब जमीं पर उतर आई, पता ही नहीं चला। दूर पश्चिम की देहरी पर कुछ सिंदूरी बादल अभी भी रेंग रहे हैं। सूरज के पदचिन्ह संजोते क्षितिज अभी भी अपना रंग धारण किए हुए है। दूर-दूर तक फैली मक्का, बाजरा, सोयाबीन के विस्तीर्ण फैले खेतों … Read more

कल्पकथा परिवार ने ‘हिन्दी हैं हम’ काव्य गोष्ठी में किया हिन्दी वंदन

सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा आयोजित ‘हिन्दी दिवस’ विशेष आभासी काव्य गोष्ठी में सभी साहित्यकारों ने हिन्दी भाषा के सम्मान में शाब्दिक हिन्दी वंदन किया। इस २१४वीं साप्ताहिक काव्य संध्या की अध्यक्षता वाराणसी से जुड़े विद्वान अवधेश प्रसाद मिश्र ‘मधुप’ ने की, जबकि मुख्य अतिथि रायपुर से प्रबुद्ध साहित्यकार प्रमोद पटले रहे।परिवार की … Read more

‘भारत रत्न’ डॉ.मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** ‘अभियंता दिवस’ विशेष… भारतीय मूल के प्रथम अभियंता डॉ. विश्वेश्वरैया की झाँकी भर लें,याद उन्हें भी कर लें, उनकी भी बातों पर अपने अंदर आहें भर लें। मैसूर के विलक्षण प्रतिभाशाली मोक्षगुंडम थे अनमोल,अंग्रेजों ने ही समझ लिया ऐसे अभियंता का मोल। पढ़ाई ऊँची-शिक्षा ग्रहण करने की बने उनके उसूल,चिकबल्लापुर … Read more

अपनी बोली हिन्दी

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उर्मिला कुमारी ‘साईप्रीत’कटनी (मध्यप्रदेश )********************************************** ‘हिंदी दिवस’ विशेष… हिंदू हैं हम हिन्दुस्तान की संतानें हैं,आओ बढ़ाएं कदम हम भारतीय हैंहिंदी का सम्मान सभी यहाँ करते हैंभारत की पहचान बनी भाषा हिंदी है। अलग-अलग है वेषभूषा हिंदी हमारी है,अनेकता में एकता से हिंदी तो हमारी हैजग में अपना परचम हिंदी ने फहराया,अपनी बोली हिंदी दिल में … Read more

फर्नीचर

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** “सक्सेना साहब! इन दिनों जब भी प्रोफेसर सुशील कुमार मिलते हैं तो घर जरूर बुलाते हैं।”“मुझे मालूम है कि वह क्यों बुला रहे हैं ?”“क्यों शर्मा जी…?”“… अभी उन्होंने ५०-६० लाख का नया फर्नीचर बनवाया है। वह उसी को दिखाने के लिए सभी को आमंत्रित किया करते हैं। मुझे भी … Read more

मेरे देश की शान है हिंदी

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* ‘हिन्दी दिवस’ विशेष… हिमालय की ऊँचाई में हिंदी,हिंद महासागर-सी गहराई है हिंदी। शिशुओं के मुख में शोभित हिंदी,प्यारी सखियों की बातों में हिंदी। कवियों की रचनाओं में सुघड़ रूप में हिंदी,सात सुरों में, गीत और संगीत में छाई है हिंदी। बोलचाल की भाषा हिंदी,मेरे राष्ट्र की भाषा हिंदी। लघु कथाओं में … Read more

प्यारी भाषा हिन्दी

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ‘हिन्दी दिवस’ विशेष…. हर शब्द जिसके मोती,मान-सम्मान लिए देश की बिंदीराष्ट्र को जोड़ती हैहम सबकी प्यारी भाषा हिन्दी…। वह सरल, सीधी व सौम्यता भाव रखे,सभी को अपना बनातीभाषा शुद्ध, भाषा सरल, सबसे प्यारी भाषा,हम सबकी प्यारी भाषा हिन्दी…। काव्य, छंद, दोहे हिन्दी गौरव,भारत की है राष्ट्रीय भाषाहिन्दी भारत का स्वाभिमान,हम … Read more

नमन पितृ देव

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** श्राद्ध ‌, श्रद्धा और हम…. नमन हे! पितृदेव तुम्हें सदा,तुम पधार यहाँ शुभता सदाइसलिए करके, सुश्रुषा सदा,निज जनों पर नेह हस्त सदा। पितर रौनक लेकर हैं सजे,शुभ पावन आज, धरा सजेअलविदा कह शांत हुए कभी,कुल उन्नति सदाहि, रहे यहीं। स्वजन आदर भाव, दिखा रहे,विभिन्न भोजन थाल सजा रहेसुखद जीवन, मंद … Read more