जो डर गए होते

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश)****************************************** सफ़र की मुश्किलों से हम जो डर गए होते,ज़फ़र न मिलती हमें गर ठहर गए होते। जो ओट सब्र की करते न हम तो दुनिया में,ज़रा-सी ग़म की हवा से बिखर गए होते। ज़ियादा लाड़ के साये में नस्ल-ए नौ झुलसे,जो होते धूप में तो ये निखर गए होते। … Read more

आदिवासी स्त्रियाँ

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** जिनकी रगों मेंधड़कती ईमानदारी,जिनकी संवेदनाओं के बादलहथेलियों की रेखाओं में बसे हुए। अपने नवोदित स्वप्नटूटते देखती हैं,तो झर जाती हैझरने की तरह। जिनके होठों पर सुंदर सरगम,जिनकी भावनाओं मेंअनंत रहस्य छिपे हुए। जिनकी देह में नील के रूप में,किसी की आशाएं जमी हुईमीठे पानी के सोते की तरह,शांत-सी देखती हैं। उनको देखकर … Read more

हमको है प्यारी हिंदी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘हिन्दी दिवस’ विशेष… हमको है प्यारी हिंदी,बड़ी ही दुलारी हिंदीहिंदी में ही लिखें-पढ़ें,हिंदी में बोलते हैं। नहीं कहीं बट-पुट,नहीं कहीं शट-शुडजैसा-जैसा बोलते हैं,वैसा-वैसा लिखते हैं। कवियों ने गान लिखे,भारत महान लिखेप्रेम व्यवहार भी तो,हिंदी में ही करते हैं। रस, छंद, अलंकार,नव रस, भाव हिंदी।शब्द, नाद, भाषा ज्ञान,मातृभाषा मेरी हिंदी॥

प्यार से…

डॉ. रचना पांडेभिलाई(छत्तीसगढ़)*********************************************** नहीं हो सकती अब बातें किसी दिलदार से,लोग जुड़ चुके हैं अब दिखावटी संसार से। हो नहीं सकती सुरक्षा अब किसी भी पहरेदार से,मिल चुके हैं चोर सारे घर के रिश्तेदार से। ना सुन किसी की ईमानदारी की बातें,अधिकारी से चपरासी तक सब डूबे हैं भ्रष्टाचार से। लोग जो उतरे अभी हैं … Read more

प्रेरणा हिन्दी प्रचारिणी सभा ने कराई अभा कवि गोष्ठी

दिल्ली। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने १२-१३ सितंबर को करोल बाग (दिल्ली) में ऐतिहासिक अखिल भारतीय कवि गोष्ठी आयोजित की। मुख्य अतिथि राजवीर शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार, मुरैना) रहे।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जबलपुर के कवि-साहित्यकार आचार्य विजय तिवारी ‘किसलय’ ने की। इसमें विजय कुमार कुशवाहा, कवि संगम त्रिपाठी (जबलपुर), प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’, मेघा अग्रवाल व ‘किसलय’ … Read more

हिंदी को कमतर मानना मानसिक रुग्णता

‘हिन्दी दिवस’…. मंडला (मप्र)। हिंदी का अभी तक राष्ट्र भाषा न बन पाना अत्यंत खेद का विषय है। हिंदी एक समृद्ध भाषा है, इसे किसी विदेशी भाषा से कमतर मानना मानसिक रुग्णता और विडंबना का विषय है। हिंदी में भी चिकित्सा व तकनीकी शिक्षा की व्यवस्था है। हिंदी का प्रयोग व सम्मान अत्यंत आवश्यक है। … Read more

‘उन्मेष’ अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव २५ से, जुटेंगे ५५० साहित्यकार

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दिल्ली। साहित्य अकादमी दिल्ली प्रसन्नतापूर्वक घोषणा करती है कि संस्कृति मंत्रालय एवं साहित्य अकादमी ‘उन्मेष’ अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव के तृतीय संस्करण का आयोजन बिहार सरकार के सहयोग से २५ सितम्बर शुरू होगा। पटना में २८ सितम्बर तक इस आयोजन में ९० से अधिक सत्रों में १०० से अधिक भाषाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ५५० विद्वान … Read more

आम के आम और गुठलियों के दाम

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** इसका अर्थ है किसी वस्तु से २ तरह के फायदे लेना यानी आम खाने का फायदा और उसकी गुठलियों को बेकार न समझकर उससे भी कुछ कमाई करना। यानी दोहरा लाभ कमाना। आज कूड़े का निस्तारण एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। निरंतर कूड़े के पहाड़ खड़े हो रहे हैं। ऊपर … Read more

पीपल की सेवा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वृक्षों में तरु श्रेष्ठतर, पीपल विष्णु निवास।भक्ति भाव पूजन करें, हो धन सुख यश पास॥ पीपल तरु पावन धरा, पूजें नित शनिवार।मिले सफलता ज़िंदगी, सब दुख से उद्धार॥ पीपल तरु सेवा सतत, हो कठिनाई दूर।दीप धूप जल अर्घ्य से, हों शनि मुदित जरूर॥ बरसे शनि की बहु कृपा, सकल … Read more

स्पर्धा में ३० नवम्बर तक भेजिए २ लघुकथा

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दिल्ली। कथादेश अखिल भारतीय हिन्दी लघुकथा प्रतियोगिता-१८ के लिए १ व्यक्ति द्वारा अधिकतम २ लघुकथा भेजी जा सकती हैं। लघुकथा भेजने की अंतिम तारीख ३० नवम्बर है।कथादेश से मिली जानकारी (७७०१९३८५२५) अनुसार इसमें प्रथम पुरस्कार ५ हजार ₹, द्वितीय ३ हजार ₹, तृतीय २ हजार ₹ एवं ७ अन्य पुरस्कार १ हजार ₹ (प्रत्येक) दिए … Read more