मुक़म्मल कहाँ हुई ज़िंदगी किसी की…

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* नई सुबह कहाँ हुई,ज़िंदगी में किसी कीरात भर जो सोते रहे,कल के इंतजार में। तमन्ना पूरी कब हुई,सब कुछ पा लेने कीनींद में सपने देखते रहे,हकीकत की फिक्र छोड़। ख्वाब कब पूरे हुए,यथार्थ की राह परज़िंदगी बहुत जटिल रही,कठिन डगर पर। प्रेम के धागे उलझे रहे,प्रीत की डगर परसुलझे कैसे फिर … Read more

हमारे पित्तर, हमारे पूर्वज

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उर्मिला कुमारी ‘साईप्रीत’कटनी (मध्यप्रदेश )********************************************** श्राद्ध, श्रध्दा और हम (पितृपक्ष विशेष)… श्रध्दा भाव से आवाहन करके आओ इन्हें बुलाएँ हम,श्रध्दा भक्ति से सुमिरन करके इनको आज रिझाए हम…। जो कभी छोड़कर हमको घर से विदा हुए थे कभी,पितर पक्ष में उन सबको पुनः अपने घर बुलाएँ हम…। लोगों की दृष्टि से वो सब हमें संसार … Read more

प्रकृति की नाराजगी समझिए, वरना…

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** प्रकृति अपनी उदारता में जितनी समृद्ध है, अपनी प्रतिशोधी प्रवृत्ति में उतनी ही कठोर है। जब तक मनुष्य उसके साथ ताल-मेल में रहता है, तब तक वह जल, जंगल और जमीन के रूप में वरदान देती है, लेकिन जैसे ही मनुष्य अपनी स्वार्थपूर्ण महत्वाकांक्षाओं और तथाकथित आधुनिक विकास की अंधी दौड़ में … Read more

हिंदी दिवस के अंतर्गत हिंदी पखवाड़ा शुरू, विजेता पुरस्कृत

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इंदौर (मप्र)। भारतीय प्रबंध संस्थान इंदौर में ६ सितम्बर को हिंदी पखवाड़े के साथ ही हिंदी दिवस का आयोजन गरिमामय वातावरण में शुरू हुआ। उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘हिंदी पत्रकारिता चुनौतियाँ और अवसर’ विषय पर आयोजित पैनल चर्चा … Read more

गणेशोत्सव में किया नाट्य का प्रभावी मंचन, काव्य प्रस्तुति दी

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आगरा (उप्र)। महाराष्ट्र समाज, आगरा द्वारा आयोजित ३ दिवसीय गणेशोत्सव में दूसरे दिन भारतीय जन नाट्य संघ, आगरा ने दिलीप रघुवंशी के निर्देशन में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ ग्रांड होटल में दी। मुख्य अतिथि साहित्यकार अरुण डंग एवं रंगकर्मी व शिक्षाविद प्रोफेसर ज्योत्स्ना रघुवंशी रहे।सर्वप्रथम भगवान की आरती की गई। इसके बाद संघ ने नाट्य पितामह … Read more

मोर नाचे आँगना

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* पावस की ऋतु आई, बागों हरियाली छाई।टिप-टिप गिरे बूँदें, मोर नाचे आँगना॥ नदी में उफान आया, मन मेरा हरषाया।धरा तन भीग उठा, पूरी होती कामना॥ डगमग नाव चली, बहे नदी गली- गली।ठूंठ से फूटे कोपल, भाग्य सोये जागना॥ घटा घनघोर छाई, बिजली चमक आई।विरह के राग गूँजे, घर आओ साजना॥ … Read more

स्थापना दिवस मनाया, ६ पुस्तक विमोचित

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धनबाद (झारखंड)। नवल विहान साहित्य कला-सांस्कृतिक मंच का द्वितीय वार्षिकोत्सव होटल आमंत्रण ग्रीन में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मनोज बरनवाल ‘अनजान’, महासचिव डॉ. मुकुंद रविदास एवं अनु अगम के कुशल संयोजन में हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. श्री राम दुबे व विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रो. के. विश्वास ने इस मौके पर ६ पुस्तकें विमोचित की।आयोजन में … Read more

सत्य को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार करना चाहिए

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संगोष्ठी संग लोकार्पण… गाजीपुर (उप्र)। डॉ. माधव कृष्ण और डॉ. शिखा तिवारी हिंदी साहित्य के निकट भविष्य में एक साहित्यकार दंपति के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराएंगे। इस पुस्तक की निबंध कट्टरता और विवेक का उल्लेख करते हुए लेखक की स्थापना से सहमति है कि कट्टरता का प्रतिरोध होना चाहिए और सत्य को संस्थाबद्ध … Read more

अमेरिका में बही गंगा-जमुनी मुशायरे की धारा

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मैरीलैंड (अमेरिका)। मैरीलैंड के भव्य सभागार में शनिवार को गीत, ग़ज़ल, कविता और नज़्मों की बहार छाई। इसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार हरीश नवल ने की।अलीगढ़ एल्युमिनी एसो. के तत्वावधान में इसमें २३ रचनाकारों ने कुल ६५ रचनाओं का पाठ किया।अध्यक्ष ने कहा कि पहली बार किसी मुशायरे में हिंदी और उर्दू की इतनी रचनाओं को … Read more

तो तुम्हें शून्यता…

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* जो भी गड़बड़ी है जीवन में,उसे धीरे-धीरे सुलझाएंजो भी बुरा है आसपास में,उसे धीरे-धीरे सुलझाएंजो भी दुख से भारी हो,उसे धीरे-धीरे नीचे रखेंजो भी लंबित कार्य है,उसे चरणबद्ध तरीके से पूरा करें। जो कठिन है, पहले उसे करें,वह आसान हो जाएगाजो आसान है उसे भी करें,उसमें लापरवाही नादानी होगी। जो भी … Read more