वतन
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रचनाशिल्प:३२ वर्णों के ४ समतुकांत चरण, १६-१६ वर्णों पर यति अनिवार्य, जबकि ८, ८, ८, ८ पर यति उत्तम। संयोजन-२ २ २ २, ३, ३ वतन नमन करसब मिलजुल करअहम शमन करनव शुभ पथ चल॥ कदम कदम बढ़नवल सृजन गढ़उन्नत शिखर चढ़तज कर छल बल॥ सब घुल मिल रहलड़ मत सब … Read more