छन्द

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मानव बनो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मानव बनो, संसार है।करुणा रखो, अभिसार है॥सजाओ पथ, अब नीति हो।बनाओ मन, अब प्रीति हो॥ धर्म साधो, जो सार है।कर्म मानो, जो प्यार है॥मर्म जानो, उपहार […]

मन से मन जोड़ें

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** रचनाशिल्प:मात्रिक छंद, त्रिपद=१२-१०-१२;प्रथम, तृतीय=समतुकांत सब भेद-भाव छोड़ें,देंखें कोशिश करमन से मन को जोड़ें। न काम करिए ऐसा,मिल जाये न कहींजैसे को भी तैसा। अनपढ़ भाषण देता,जब […]

जीवन-संदेश

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सँवरो आज, संचार है।जप लो ईश, सिन्गार है॥कर लो काम, तब बात हो।कुछ हो वाह, सौगात हो॥ दुर्लभ जनम, अब तू बचा।पाया जनम, सुख को रचा॥सोच […]

द्वंद में मन

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** रचनाशिल्प २१२२ २१२२ २१२२ २… वह पथिक क्यों है व्यथित तर ओस से भीगा,यामिनी से कर रहा अठखेलियाँ धींगा।हो रहा उर्वर मृदा मन कुछ तो बोया है,अंकुरित […]

जीरा गुणकारी

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************************** रचना शिल्प:१६/१२….. आयुर्वेदिक है ये जीरा,स्वास्थ्य लाभ गुणकारी।सब्जी में भी है उपयोगी,समझे दुनिया सारी॥ पाचन शक्ति बढ़ाने वाला,जल-जीरा उपयोगी।जो भी औषधि माने खाये,रोग भगाये रोगी॥नीबू […]

दाता जो देन करें

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ********************************************* १२ मात्रा प्रति चरण… जीवन है इक नदिया, सुख-दु:ख दो तट इसके,नदिया के साथ रहें, पर अलग-अलग बहते। संसार सुनहरा है, जीवन प्रभु की […]

शान हमारी हिंदी

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* हिंदी और हमारी जिंदगी… भारत सुंदर देश, मातृभाषा है हिंदी।मस्तक शोभित श्रेष्ठ, लगे हो जैसे बिंदी॥भारत माता मान, यही है शान हमारी।मृदुवाणी शुभ बोल, सभी को […]

माता रानी

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)********************************************************* माता रानी तुम ही मेरा,बेड़ा पार लगाना।कब से बैठा हूँ दर पे माँ,थोड़ा प्यार बहाना।। मैं तो खाया हूँ माँ अम्बे,बहुत जहां में ठोकर।अब मैं […]

गुरुवर वाणी

आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* यदि आप नहीं होते, तो…(शिक्षक दिवस विशेष)…. चरण कमल पर पाँव धरू मैं। शत-शत वंदन नमन करूँ मैं।शिक्षक मानव जीवन गढ़ता। नित पथ पर बालक है […]

जीवन की बगिया

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************* जीवन की बगिया को यारों,रखना हरदम हरियाली।फूल खिलेंगे रंग-बिरंगे,आएगी फिर खुशहाली॥ प्रेम प्यार से इसे सींचना,कभी न मुरझाने पाये।पतझड़ का मौसम आये भी,ये बहार बनकर […]