आ गया नव संवत्सर
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नव संवत्सर आ गया, गाने मंगल गीत।प्रियवर अब दिल में सजे, केवल नूतन जीत॥ चैत्र महीना प्रतिपदा, जो लाया उजियार।यही हमारा वर्ष है, विजय करे श्रंगार॥ ब्रम्हा जी ने सृष्टि का, किया नवल- निर्माण।शुक्ल पक्ष तो सोहता, मौसम में नव प्राण॥ उज्जयिनी महाराज ने, देकर चोखा काल।मंगलमय गणना शुरू, भारत हुआ … Read more