राखी की सौंधी सुगंध

मच्छिंद्र भिसे सातारा(महाराष्ट्र) ********************************************************************************** मेरी प्यारी बहना एक ऐसी राखी जरुर ले आना, बचपन की यादों की सौंधी सुगंध मुझको तू दे जानाl राखी का उत्साह देखा था मैंने सुबह उठकर जल्दी माँ से, तोतले बोल रूपए माँगे थे तूने याद है आज भी मुझे, राखी न दे पाई बेबस माँ… सफ़ेद धागे को कुमकुम … Read more