हम और तुम
डॉ.स्मिता( श्वेता मिश्रा)गुड़गाँव(हरियाणा)********************************** काव्य संग्रह हम और तुम से…. हम और तुममिले हैं जबसे,कुछ खट्टेकुछ मीठे,अनुभव किए।तुम्हें ख़ुश रखने के,किए लाखों जतन,लेकिन तुम भी कमाल,की चीज़ होकहाँ से लाते हो,ऐसी सशक्त आलोचना शक्ति!हर बात में कमी ढूँढ लेते हो।हम है कि लगे हैं,उम्मीद की डोर से बंधे हैं,कहते हैं-‘प्रेम’ पीपल का बीज हैज़रा-सी सम्भावना हो,वहीं … Read more