सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
**********************************
‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)…
नूतन का ज़माना है,
याद उसे रखना
जिसे साथ निभाना है।
कुछ खोकर कुछ मिलना,
रीति पुरानी है
सब तुम नहीं बिसराना।
सुधियों का ख़ज़ाना है,
बीत रहे पल जो
नहीं लौट के आना है।
स्वागत छब्बीस का है,
घड़ी विदा की है
पच्चीस को जाना है।
सुख शांति सौहार्द बढ़े
अनुचित को त्यागें
सत्य का सोपान चढ़ें।
‘वंदे मातरम्’ गूँजे,
गीत हमारा है
निज देश को सब पूजें॥