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कुर्ता भले सफेद…जोगीरा सा रा रा रा

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी
कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)

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नेता नोटों की गड्डी से
खेल रहे हैं खेल,
जीवन अपना फीका-फीका
मिले नमक ना तेल-
जोगीरा सा रा रा रा…।

अक्सर क्यों पा जाते कुर्सी
दिल के काले चोर,
भोली-भाली जनता रोती
होकर भावविभोर-
जोगीरा सा रा रा रा…।

अव्वल दर्जे का है झूठा
कुर्ता भले सफेद,
उसकी बातों में मत आना
जिसमें लाखों छेद-
जोगीरा सा रा रा रा…।

मर्यादा को देखो भाई
ये खूंटी पर टांग,
देश चलाते नेता जैसे
पी पी करके भांग-
जोगीरा सा रा रा रा…।

हरी-भरी साड़ी में साली
लड़ने चली चुनाव,
नेताओं की भाषा बोले
दिल को देती घाव-
जोगीरा सा रा रा रा…।

खा-खाकर के रिश्वत देखो
अधिकारी हैं लाल,
पीला-पीला मुखड़ा अपना
पिचके-पिचके गाल-
जोगीरा सा रा रा रा…।

कैसे खेलें महँगाई में
भाई रंग-अबीर,
कैसे खाएं हलुआ-पेठा
पूआ पूड़ी खीर-
जोगीरा सा रा रा रा…॥

परिचय-वकील कुशवाहा का साहित्यिक उपनाम आकाश महेशपुरी है। इनकी जन्म तारीख २० अप्रैल १९८० एवं जन्म स्थान ग्राम महेशपुर,कुशीनगर(उत्तर प्रदेश)है। वर्तमान में भी कुशीनगर में ही हैं,और स्थाई पता यही है। स्नातक तक शिक्षित श्री कुशवाहा क़ा कार्यक्षेत्र-शिक्षण(शिक्षक)है। आप सामाजिक गतिविधि में कवि सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक बुराईयों पर प्रहार करते हैं। आपकी लेखन विधा-काव्य सहित सभी विधाएं है। किताब-‘सब रोटी का खेल’ आ चुकी है। साथ ही विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन हो चुका है। आपको गीतिका श्री (सुलतानपुर),साहित्य रत्न(कुशीनगर) शिल्प शिरोमणी सम्मान(गाजीपुर)प्राप्त हुआ है। विशेष उपलब्धि-आकाशवाणी से काव्यपाठ करना है। आकाश महेशपुरी की लेखनी का उद्देश्य-रुचि है।