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दुनियादारी लिख दी

बबीता प्रजापति ‘वाणी’
झाँसी (उत्तरप्रदेश)
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मैंने दुनिया देखी,
दुनियादारी लिख दी
धोखे जो मिले तो,
लोगों की गद्दारी लिख दी।

प्रेम मिला तो,
समर्पण का भाव लिख दिया
जगत ने ठुकराया तो,
जीवन का अभाव लिख दिया।

सफलता मिली तो,
ऊँचा आकाश लिख दिया
किसी ने न दिया साथ तो,
खुद को ‘शाबाश’ लिख दिया।

दोस्त जो सच्चे मिले तो,
यारी लिख दी
सुख-दु:ख की फिर,
बातें सारी लिख दी।

जीवन में जो मिला,
बस कागज़ पे लिख दिया
इन शब्दों ने ही केवल,
अब तक मेरा साथ दिया।
वर्ना…
जो भी मिला छूटता गया,
या मुझे छोड़ता गया॥