हरिहर सिंह चौहान
इन्दौर (मध्यप्रदेश )
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बदलते भारत की है यह नई कहानी,
यहाँ नारी शक्ति की आँखों में आँसू नहीं है,
क्योंकि वह शाक्ति है, व साहस और विश्वास है,
तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…।
वह नहीं है किसी से कम, उनका नहीं हो अपमान,
वह तो हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है
इसीलिए ‘मान-सम्मान’ दे रहा है हिन्दुस्तान,
तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…।
देखो दुनिया वालों भारतीय महिलाओं के ‘बढ़ते’ कदम,
नए भारत में आसमान में ‘धरती’ की दूरी नाप रहीं
गौरवशाली है देश महिला शक्ति की कार्यकुशलता से,
तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…।
शक्ति स्वरूपा पुरषों के साथ मिलकर आगे चल रही,
चारदिवारी की कैद में नहीं वह तो खुले आसमान में उड़ रही
अब देख ले ‘जमाना’ नारीशक्ति को, वह तो सीमा पर युद्ध भी कर रही,
तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…।
दु:ख-सुख में उनका मनोबल कमजोर नहीं होता है,
साहस वीरता और आत्मशक्ति उनमें बहुत है।
हर परेशानी तकलीफ में भी वह डरती नहीं है, लड़ती है,
तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…॥