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प्यारा भारत, न्यारा भारत

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’
धनबाद (झारखण्ड) 
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अपना सम्मान तिरंगा…

मैं हूँ प्यारा भारत,
सब देशों से न्यारा भारत
मेरे अंदर है रंग अनेक,
अनेक रंगों का संघ एक।

रखता नहीं मैं बैर किसी से,
किसी का करता नहीं उपहास
सबका करता मैं सम्मान,
सबसे करता हूँ मैं विश्वास।

मैं हूँ प्यारा भारत,
सब देशों से न्यारा भारत
मेरे आँचल में झांसी की रानी,
आजाद-भगत-सुभाष की कहानी।

आए गए यहाँ वीर अनेक,
सत्य अहिंसा से धीर अनेक
अनेक गरिमामयी संतानों से,
भरा दामन मात्र भारत एक।

मैं हूँ प्यारा भारत,
सब देशों से न्यारा भारत
स्वर्णिम इतिहास में लगा दाग,
गुलाम बना फिरंगी खेला फाग।

फिर फिरंगियों ने खूब सताया,
लूटा-कूटा और आतंक मचाया
रो-रो कर मेरा हुआ बुरा हाल,
मस्तक पर चढ़ नाचा फिरंगी काल।

मैं हूँ प्यारा भारत,
सब देशों से न्यारा भारत
देर से हमें यह आया समझ,
एकता के आगे कोई तीर्थ-ना हज।

मिलजुल कर सबने जोर लगाया,
अंग्रेजों पर फिर क्रोध दिखाया
उसने भी तो हमें खूब डराया,
हमने कूट-कूट कर उसे भगाया।

भगा दिया है हमने फिरंगियों को,
मिल गई है हमें अब आजादी
अब हमें इसे संपूर्ण बनाना है,
भ्रष्टाचार मिटाना और शांति लाना है।

हमें मिला है अब आजादी का अमृत,
सब मिल ७५ वर्षों से गाते रहे गीत
गीत संग मना रहे हैं हम उत्सव,
आजादी का अमृत महोत्सव, अमृत महोत्सव।

मैं हूँ प्यारा भारत,
सब देशों से न्यारा भारत।
विश्व की आँखों का तारा भारत,
मैं हूँ प्यारा भारत, न्यारा भारत॥

परिचय– साहित्यिक नाम `राजूराज झारखण्डी` से पहचाने जाने वाले राजू महतो का निवास झारखण्ड राज्य के जिला धनबाद स्थित गाँव- लोहापिटटी में हैL जन्मतारीख १० मई १९७६ और जन्म स्थान धनबाद हैL भाषा ज्ञान-हिन्दी का रखने वाले श्री महतो ने स्नातक सहित एलीमेंट्री एजुकेशन(डिप्लोमा)की शिक्षा प्राप्त की हैL साहित्य अलंकार की उपाधि भी हासिल हैL आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी(विद्यालय में शिक्षक) हैL सामाजिक गतिविधि में आप सामान्य जनकल्याण के कार्य करते हैंL लेखन विधा-कविता एवं लेख हैL इनकी लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ देशभक्ति भावना को विकसित करना हैL पसंदीदा हिन्दी लेखक-प्रेमचन्द जी हैंL विशेषज्ञता-पढ़ाना एवं कविता लिखना है। देश और हिंदी भाषा के प्रति आपके विचार-“हिंदी हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। यह राष्ट्रभाषा के साथ-साथ हमारे देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए अति आवश्यक है।