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माँ के हाथ का बना खाना प्रसाद से भी बड़ा

विमोचन…

इन्दौर (मप्र)।

श्री रमेश चंद्र मिश्रा की जीवटता और जिजीविषा अनुकरणीय है। ‘मातृहस्तेन भोजनम’, अर्थात माँ के हाथ का बना भोजन प्रसाद से भी बड़ा होता है’ और पुस्तक’ लव एट फर्स्ट बाइट’ स्वास्थ्य की दृष्टि से एक संग्रहणीय कृति है, जो आज के बच्चों के मनपसन्द व्यंजनों को बनाने की विधियों को सरल तरीके से प्रस्तुत कर रही है। ‘सपनों का सच व अन्य कहानियाँ’ जैसी पुस्तक बच्चों को संस्कारित करने में मदद करती रहती हैं।
यह बात कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. विकास दवे (निदेशक, मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी, भोपाल) ने कही। मौका था आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन (भोपाल) द्वारा अभिनव कला समाज समिति के सभागार (गाँधी हाल) में रमेश चंद्र मिश्रा का अमृत महोत्सव एवं २ पुस्तकों के विमोचन समारोह का। मुख्य अतिथि प्रवीण खारीवाल (अध्यक्ष-मध्यप्रदेश स्टेट प्रेस क्लब) एवं विशिष्ट अतिथि की भूमिका हरेराम वाजपेयी (प्रचार मंत्री-श्री मध्य भारत हिन्दी साहित्य समिति) की रही। वामा समूह की अध्यक्ष और संस्थापक पद्मा राजेंद्र सारस्वत अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। सरस्वती वंदना डॉ. शशि निगम द्वारा प्रस्तुत की गई। आरिणी के इस अनुष्ठान में श्रीमती विद्या देवी मिश्रा एवं श्री मिश्रा की पुस्तक ‘लव एट फर्स्ट बाइट’: रेसिपी बुक और डाॅ. दवे की पुस्तक ‘सपनों का संसार एवं अन्य कहानियाँ’ (बाल कहानी संग्रह) का विमोचन किया गया।
अतिथि श्री खारीवाल ने कहा कि, रचनात्मकता किसी उम्र की मोहताज नहीं होती, श्री मिश्रा से यह प्रेरणा ली जा सकती है। डॉ. दवे की सभी कहानियाँ अनूठीं हैं और उन्हें बाल साहित्य में महारत हासिल है।
विशिष्ट अतिथि श्री वाजपेयी ने कहा कि, ऐसी पहल करनी चाहिए कि, प्रत्येक भोजनालय भोजन प्रबंधन के साथ यह शर्त भी रखे कि, थाली में खाद्य सामग्री छोड़ी तो जुर्माना लगाया जाए। अतिथि पद्मा राजेंद्र ने कहा कि, मानसिक विकास के लिए कहानियाँ और शारीरिक विकास के लिए भोजन आवश्यक है। इस दृष्टि से दोनों ही पुस्तकें बाल विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।

कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि प्रदीप नवीन, सदाशिव कौतुक, मुकेश तिवारी, डाॅ. कमल हेतावल, मुकेश इंदौरी, स्नेहलता श्रीवास्तव, सुनीता दवे, सम्पादक अजय जैन ‘विकल्प’, नयन कुमार राठी, विजयसिंह चौहान आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का सरस संचालन डॉ. मीनू पांडेय ‘नयन’ (अध्यक्ष-फाउंड.) ने किया। आभार प्रकट किया डॉ. रजनी शर्मा ने।