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मियामी-एक खूबसूरत अनुभव

डॉ.स्वाति तिवारी
भोपाल(मध्यप्रदेश)
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“दो भव्य इमारतों के बीच में सूर्य देवता अपनी आभा बिखेरते चले आ रहे थेl” इस बार हमारी यात्रा न्यूजर्सी से फ्लोरिडा के लिए बेटी पल्लवी और दामाद विकास ने बेटे अनमोल के साथ प्लान की थी,हम सभी ऑरलेंडो,मियामी और की वेस्ट के लिए साथ ही निकलते हैंl इसके लिए हमें अमेरिका के फ्लोरिडा की यात्रा करनी हैl फ्लोरिडा संयुक्त राज्य के दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में स्थित एक राज्य है,जिसके उत्तर-पश्चिमी सीमा पर अलबामा और उत्तरी सीमा पर जॉर्जिया स्थित हैl संयुक्त राज्य में शामिल होने वाला यह २७वां राज्य थाl इस राज्य के भूस्थल का अधिकांश भाग एक बड़ा प्रायद्वीप है,जिसके पश्चिम में मैक्सिको की खाड़ी और पूर्व में अटलांटिक महासागर हैl साधारणतया इसकी गर्म जलवायु की वजह से इसे सनशाइन स्टेट के रूप में जाना जाता हैl इसके उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में उपोष्ण कटिबंधीय एवँ दक्षिणी भाग में उष्ण कटिबंधीय जलवायु पाई जाती है,इसीलिए इसे अमेरिका का गर्म प्रदेश माना गया हैl टलहसी, इस राज्य की राजधानी और मियामी सबसे बड़ा महानगरीय क्षेत्र है। फ्लोरिडा के निवासियों को सटीक तौर पर फ्लोरिडियन्स के रूप में जाना जाता हैl हमने न्यूयार्क के जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से मियामी के लिए उड़ान(फ्लाइट) ली थीl मियामी दक्षिण-पूर्वी फ्लोरिडा में अटलांटिक तट पर स्थित एक प्रमुख शहर है। मियामी,फ्लोरिडा में सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत मियामी-डेड काउंटी की काउंटी सीट है। यह एक प्रमुख शहर है और दक्षिण फ्लोरिडा महानगरीय क्षेत्र का केंद्र है, जिसकी आबादी २००८ में ५,४१४,७१२ थी,जो वरीयता क्रम में अमेरिका की ७वीं सबसे बड़ी आबादी है। एक बेहद खूबसूरत शहर जो वित्त,वाणिज्य,संस्कृति, मीडिया,फैशन,शिक्षा,फिल्म,प्रिंट मीडिया, मनोरंजन,कला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपने विशेष महत्वपूर्ण योगदान के कारण एक अंतरराष्ट्रीय पहचान रखता हैl
अमेरिका के प्रवेश द्वार के रूप में पहचाना जाने वाला मियामी मनोरंजन,शिक्षा,मीडिया और संगीत,प्रिंट मीडिया और अन्य की प्रदर्शन कलाओं का एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र हैl मियामी में हमारे पास तीन दिन थे और रुकने को एक शानदार होटल थी,जिसके १६वें माले से देखने पर मियामी का अदभुत नजारा दिखाई देता थाl सड़क और होटल के गार्डन के मध्य कोई बाउंड्री नहीं थीl सीमेंटेड सड़क,शानदार हरे लॉन,खूबसूरत पौधे और बहते पानी के झरने जैसे लैंड-स्केप,शहर के नज़ारे को स्काई लैंड बनाते हैंl सबसे पहले हम लोग मियामी डाउनटाउन के लिए निकलते हैंl यह जानकर आश्चर्य होता है कि मियामी की सड़क व्यवस्था न्युमरिकल मियामी ग्रिड पर आधारित है,जहाँ फ्लैगलर स्ट्रीट पूर्व-पश्चिम एक्सिस,स्ट्रीट्स बनाती हैं और मियामी एवेन्यू उत्तर-दक्षिण एक्सिस, एवेन्यूज का निर्माण करती हैंl मियामी ग्रिड प्राथमिक रूप से संख्यात्मक है, जिसके कारण फ्लैगलर स्ट्रीट के उत्तर और मियामी एवेन्यू के पश्चिम में सभी सड़कों के पतों में एनडब्ल्यू लिखा जाता है,क्योंकि इसका मूल बिंदु डाउनटाउन में है जो समुद्र तट के निकट है,इसीलिये एनडब्ल्यू और एसडब्ल्यू लिखा जाता हैl मुझे अपना शहर भोपाल(मध्यप्रदेश) याद आता है,यहाँ भी पते कुछ इसी तरह के हैं,जैसे-पांच नम्बर स्टॉप,सात नम्बर,१० नम्बर,४५ बंगलो,७४ बंगले,११०० क्वॉर्टर,चार इमली,१२५० स्टॉप वगैरहl मियामी का जीपीएस भी कुछ ऐसे ही बताता है जैसे एसआर ११२ (एयरपोर्ट एक्सप्रेस-वे): इंटरस्टेट ९५ से एमआईए,एसआर ८२१ (एचई एफटी) या फ्लोरिडा टर्नपाइक का होमस्टीड एक्सटेंशन): एसआर ९१ / मियामी गार्डंस से यूएस रूट १ / फ्लोरिडा सिटी)
एसआर ८२६ (पालमेटो एक्सप्रेस-वे) : गोल्डन ग्लैड्स इंटरचेंज से लेकर यूएस रूट १ / पाइनक्रेस्टl
एसआर ८३६ (डॉल्फिन एक्सप्रेस-वे) : डाउनटाउन से एसडब्ल्यू १३७वाँ एवेन्यू,एमआईएl
मेरे लिए यह रुचिकर था,मैं मजाक करती हूँ यदि मियामी पर केन्द्रित कोई प्रतियोगिता होती होगी तो प्रश्न कुछ ऐसे होते होंगें एसआर ८३६ (डॉल्फिन एक्सप्रेस-वे) कहाँ जाती है ? या कौन-सी रोड है ? अरे तो इसमें ख़ास क्या हैl भोपाली लोग भी तो बोलते हैं १२५० जा रहे हैं ? पति महोदय ने जवाब दियाl
हम एयरपोर्ट से ही किराये से कार लेकर निकले थे शहर को देखते हुए हम जाते हैं वेनिस पूल,यह एक खूबसूरत जगह हैl यह १९२४ में डिजाइन किया गया थाl सामान्य रूप में यह एक सार्वजनिक स्विमिंग पूल है, किसी समय यह मूंगा चट्टानों की एक उथली खदान हुआ करती थी जिसे मनोरंजन के लिए स्वीमिंग पूल में बदल दिया गया हैl यहाँ बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे,बच्चों के साथ पिकनिक की एक खूबसूरत जगह जहाँ बड़ों के ११ डॉलर और बच्चों के ५ डॉलर टिकिट लगती हैl हम यहाँ पर कुछ देर रुकते हैं और फिर सभी को लंच की जरुरत लगने लगी थीl हम एक रेस्टॉरेंट में जाते हैं,यहाँ पनीर मिल जाता हैl हम स्टार्टर के रूप में रेड वाइन के साथ पनीर टिक्का ऑर्डर करते हैं,विकास और अनमोल जापान का सबसे प्रचलित सूप
मिशोऑर्डर करते हैंl साथ में एक हरी चटनी जैसी कोई पेस्ट भी थीl पल्लवी ने कहा यह बेहद तीखी होती हैl जरा-सी भी आपको सिर में चढ़ सकती है,जिससे सिर भन्ना सकता है और मैं बात करते-करते उस पेस्ट को ऊँगली पर उठा खा लेती हूँl आँख-नाक सब पानी-पानी करने लगते हैl तीखा भी इस हद तक तीखा होता है,यह पहली बार पता चलाl सभी मेरी हालत देखकर घबरा गएl मेरे सिर में दर्द होने लगा,अनमोल ने मैंगो आइसक्रीम जल्दी से लाने का कहाl आइसक्रीम खाने के बाद भी लग रहा था कि बिच्छू ज़बान पर डंक मार गया होl खैर,शक्कर,आइसक्रीम,कोल्ड कॉफ़ी सारे प्रयोग उस जलन को कम करने के लिए जारी रहेl चॉकलेट मफैन के बाद लगा थोड़ी राहत है सिर्फ चावल खाकर काम चलाया,क्योंकि मसाले उस जलन को बढ़ा रहे थेl
हम यहाँ से बायफ्रंट पार्क जाते हैंl यह डाउनटाउन में है इसलिए हम यहाँ पैदल ही जाते हैंl यह ३२ एकड़ में म्युनिसिपल कारपोरेशन द्वारा प्रबंधित एक खूबसूरत ग्रीन पार्क हैl यहाँ हम कुछ देर आराम की स्थिति में बैठते हैं,फिर मियामी की दुनिया की सबसे बड़ी सड़कों पर घूमते हैंl पता चलता है कि केवल भूमि क्षेत्र की दृष्टि से मियामी के पास अमेरिका के किसी भी बड़े शहर का सबसे छोटा भूमि क्षेत्र है,जहाँ महानगरीय क्षेत्र में तकरीबन २.५ मिलियन लोग रहते हैं। सड़कें इतनी साफ़ कि आपको लगेगा कि जैसे बस अभी ही बनी हों और कोई गुजरा ही ना हो यहाँ सेl अनगिनत-सी मंज़िलों वाली इमारतों की दीवारें कुछ ऐसे चमकदार कि,जैसे कांच से बनी हों,इस जिक्र पर बेटे अनमोल ने बताया कि मियामी को
'अमेरिका का सबसे स्वच्छ शहर' घोषित किया जा चुका है,साथ ही उसने यह भी बताया कि २००९ में दुनिया के ७३ शहरों पर किये गए एक यूबीएस अध्ययन में क्रय शक्ति की दृष्टि से मियामी को संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे अमीर शहर का और दुनिया के पाँचवे सबसे अमीर शहर का स्थान दिया गया था। शहर का मुख्य भाग बिस्केन की खाड़ी के तटों पर स्थित है जिसके अंदर सैंकड़ों प्राकृतिक और कृत्रिम रूप से तैयार सीमांकित द्वीप मौजूद हैं,जिनमें सबसे बड़े तटों के अंदर मियामी तट और दक्षिणी तट शामिल हैं। एक गर्म समुद्री जलधारा,गल्फ स्ट्रीम तट के ठीक निकट से होकर उत्तर की दिशा १५ मील (२४ किलोमीटर) में बहती है,जिससे शहर की जलवायु सालभर गर्म और सुहावनी बनी रहती है। सर्दी यहाँ नहीं होती कुछ ऐसा ही हमें भी लगा,मौसम बेहद गर्म थाl शहर के पश्चिमी किनारों का अधिकांश हिस्सा दलदली भूमि
एवरग्लेड्स` के रूप में फैला हुआ है जो अमेरिकी प्रांत फ्लोरिडा के दक्षिणी भाग में है। इसी कारण कई बार स्थानीय जंगली घड़ियाल मियामी की आबादी और महत्त्वपूर्ण राजमार्गों तक आ जाते हैं,हमें भी आगे एवर ग्लेड्स नेशनल पार्क की यात्रा करनी थीl शाम होने के पहले हम शहर की खूबसूरत गगनचुम्बी इमारतों के बीच से घूमते हुए समुद्र तट तक पहुँच जाते हैंl यहाँ अभी धूप पूरी तरह खिली हुई हैl रेत सुनहरी चमकदार और गर्म हैl मैंने पैरों में चप्पल ही डाली हुई थी और रेत के लम्बे मैदान को चप्पल से पार करने में मुझे दिक्कत आ रही थी,इसलिए मैं चप्पलों को हाथ में ले रेत पर चल रही थी रेत अभी बहुत गर्म थीl अनमोल ने वापस आकर अपने जूते मुझे पहना दिए और दौड़ लगाता तट पर पहुँच गया, यहाँ लोगों के घर समुद्र के किनारे हैं अतः कई लोग नहाने आये हुए थे उनके साथ उनके पेट्स भी किनारे पर बैठे उन्हें देख रहे थे,एक पल को उन पालतू जीवों का अनुशासन देखकर लगा कि, आदमी का बच्चा इतनी देर एक टॉवेल पर बैठा अपनी माँ को पानी में अठखेलियाँ करते नहीं देख सकता वह पानी के पास जाता है पर वह छोटी नस्ल का डॉग एक निर्धारित रेखा के पार नहीं जा रहा था,उसकी मालकिन विदेशी स्त्री ने उसके बैठने के बाद रेत पर एक रेखा खींच दी थी और किसी अजीब-सी भाषा में उसे इंस्ट्रक्शन दी थी,हम यहाँ से थोड़ा आगे जाकर पानी में उतरे थे,पर हवा तेज थी और लहरें विशाल आकार में तट पर आने लगी थीं। जल्दी ही बच्चों को पानी से निकलने के लिए समझाया,युवा बच्चे लहरों की कहाँ परवाह करते हैं फिर उन विदेशी महिलाओं को समुद्र में तैरते हुए देख यह तर्क कि,कोई खतरा होता तो ये इतने अन्दर तक जाती क्या ? मैं लहरों के उग्र अंदाज से डरती हूँ,समझाने की कोशिश करती हूँ कि वो यहीं रहती हैं,रोज तैरने आती हैं उन्हें अभ्यास है फिर हम नए हैं हमें यहाँ समुद्र की गहराई भी नहीं पता जल्दी बाहर निकलो। मेरी चिंता देख बच्चे निकल आते हैं। हम वापस शहर की ओर लौट आते हैं,रेत अब कम गर्म लगती है,गीले पैरों और कपड़ों में ढेर सारी रेत चिपक जाती है,मुझे रेत का चिपचिपापन नहीं सुहाता,इसलिए बार-बार रुककर झाड़ने लगती हूँ। हम कॉलोनियों से निकलते हुए अपने होटल आते हैं और थकान और भूख दोनों हावी होने लगती है,होटल की चौथी मंजिल पर स्विमिंग पूल है,हम सब वहीं जाते हैं। देर तक पानी में रहते हैं। तैयार होकर पल्लवी और मैं सामने वाले मॉल में जाकर हरे मटर,फूल गोभी,आलू,हरी मिर्च और चावल का पैकेट खरीद लेते हैं। यहाँ से बींस का डिब्बा लेते हैं। कुछ ताजे फल लेकर आते हैं,कमरे में आते ही सब थकान उतारते हैं,मैं सब्जी सुधारती हूँ। रोटी का पैकेट है हम बिरयानी बनाते हैं सूखी सब्जी आलू गोभी मटर की और रस्सेवाली बींस। देशी खाने की खुशबू सबको खींचती है। अनमोल और पल्लवी बर्तन साफ करते हैं और पोकर खेलने की तैयारी हो जाती है।
सबेरे जल्दी ही नींद खुल जाती है। बालकनी का पर्दा हटाती हूँ सामने दो भव्य इमारतों के बीच में सूर्यदेवता अपनी आभा बिखेरते खड़े हैं किरणें दिखाई देती हैं। यह अलसुबह का समय है,ताजी हवाओं का झोंका मन को प्रफुल्लित कर देता है। मैं दो गगनचुम्बी इमारतों के बीच फँसे सूर्य देव को कैमरे में कैद कर लेती हूँ। शायद वे उसी के सहारे बाहर निकल आते हैं, और अब इमारतों के ऊपर दिखाई देते हैं। अभी सब सोये हैं। मैं चाय बनाकर रख देती हूँ, अमेरिका में यह सबसे अच्छी सुविधा होटलों में होती है किचन में माइक्रोवेव,गैस चूल्हा,कुछ बर्तन,क्रॉकरी-कटलरी और फ्रिज होता ही है। छोले का पैकेट खोल छोले और चावल बना लेती हूँ,ब्रैड सेंडविच भी बनाती हूँ,होटल में ब्रेकफास्ट होता है पर घूमने में भूख ज्यादा ही लगती है,रखा रहेगा साथ में,यही सोच कर।
हम निकलते हैं साउथ बीच के लिए,मियामी कई अलग-अलग खण्डों,मोटे तौर पर उत्तर, दक्षिण,पश्चिम और डाउनटाउन में विभाजित है। शहर का दिल है डाउनटाउन मियामी और तकनीकी रूप से यह शहर के पूर्वी हिस्से में स्थित है। इस क्षेत्र में ब्रिकेल,वर्जीनिया-की, वॉटसन द्वीप और पोर्ट ऑफ मियामी शामिल हैं। डाउनटाउन दक्षिण फ्लोरिडा का केन्द्रीय व्यावसायिक जिला है और फ्लोरिडा का सबसे बड़ा और सबसे अधिक प्रभावशाली व्यावसायिक जिला है। डाउनटाउन में ब्रिकेल एवेन्यू के निकट अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय बैंकों का सबसे बड़ा जमावड़ा है। डाउनटाउन कई बड़े बैंकों,अदालती परिसरों,वित्तीय मुख्यालयों, सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधी आकर्षणों, विद्यालयों,पार्कों और एक बड़ी आवासीय आबादी का प्रमुख ठिकाना है। डाउनटाउन के पूरब में बिस्केन की खाड़ी के एक सिरे से दूसरे सिरे तक साउथ बीच स्थित है। यह दुनिया के दस सबसे खूबसूरत समुद्री तटों में गिना जाता है| साउथ बीच से डाउन टाउन मियामी के क्षितिज की एक भव्य झलक ही बताती है कि यह दुनिया का सबसे खूबसूरत किनारा है जहाँ लोग घंटों धूप स्नान करते हैं नहाते हैं,हम पहुँचते हैं इस सुनहरे रेतीले तट पर जहाँ दूर दूर तक नीला-फिरोजी पानी और सुनहरे बॉर्डर बनाते रेतीले तट और बिकनी पहने विदेशी महिलाएं धूप स्नान करती हुई,रंग-बिरंगी छतरियाँ लगाये हुए विदेशी जोड़े। धूप तेज है हमारी बर्दाश्त से बाहर,हम भी एक छतरी और कुर्सियाँ किराये पर लेते हैं,विकास,पल्लवी और अनमोल अपनी स्विमिंग कॉस्टयूम लाये हैं। वे पहनते हैं पानी में जाते हैं पर थोड़ी ही देर में काले बादल आते हैं और रेत की आँधी चलने लगती है,एलान होता है सतर्क करने के लिए कि तूफानी हवाएँ चलने वाली हैं तट से दूर रहें।कपड़े,छतरियाँ,कुर्सियाँ सब उड़ने लगती हैं। तट बहुत लंबा है हमारी गाड़ी बहुत दूर पार्क है इसलिए हम सुरक्षित निकल लेते हैं। फिर कभी इस तट पर आने का कहते हुए,मन उदास है दुनिया के सबसे सुन्दर तट पर जाकर भी नहाने का आनंद नहीं ले पाए। हम गाड़ी तक पहुँचते भी नहीं हैं कि,मूसलधार बारिश शुरू हो जाती है। हम रेस्टॉरेंट में आसरा लेते हैं,कुछ खाया जाए। पानी ने मौसम को खुशगवार बना दिया है। एक बार फिर बारिश रुकने पर हम साउथ बीच जाते हैं अब ठंडक भी है और भीड़ भी लगभग ख़तम,पर पानी में जाना अभी भी खतरनाक हो सकता है। हम खाली पड़ी कुर्सियों पर बैठ लहरों को आते-जाते देखते हैं। हमारा लंच बॉक्स यहाँ काम आता है चावल छोले और इंदौरी सेंव।
यहाँ से हम पाम बीच के लिए निकलते हैं, जल्दी ही घूमकर वापस आते हैं। हमारी होटल में डिनर हॉल में आज रात हम डांस और म्यूजिक का प्रोग्राम देखेंगे,यही सोचकर हम वापस आकर स्विमिंग पूल का ही आनंद लेते हैं। सुबह के लिए खाना बनाकर रख लेती हूँ।पराठे और मटर टमाटर की सब्जी,पर सभी को चखने के बहाने खानी है। अनमोल का कहना है माँ के हाथ का खाना जब बने तब बच्चे भूखे। मैं फिर आटा लगाती हूँ सुबह के लिए। फिर हम प्रोग्राम में जाते हैं कुछ हल्का खाना ऑर्डर करते हैं लाइट ड्रिंक के साथ।
मियामी को नृत्य संगीत के लिए भी एक ‘हॉट स्पॉट’ समझा जाता है। फ्रीस्टाइल,नृत्य संगीत की एक ऐसी शैली जो इलेक्ट्रो,हिप-हॉप और डिस्को से प्रभावित कोई भिन्न शैली है और जो ८०-९० के दशक में काफी लोकप्रिय हुई थी। मियामी एक जीवंत तकनीक और नृत्य दृश्यों का घर भी है,साथ ही यहाँ दुनिया के सबसे बड़े नृत्य आयोजन,विंटर म्यूजिक कॉन्फ्रेंस,अल्ट्रा म्यूजिक फेस्टिवल और कई इलेक्ट्रॉनिक संगीत-थीम पर आधारित समारोहों एवं महोत्सवों का भी आयोजन होता है। एक अलग तरह का संगीत पहली बार ही सुना था मैंने यूँ इस तरह के संगीत को यदा-कदा कहीं फिल्मों में सुना भी हो सकता है,पर जीवंत पहली बार ही सुना।
मियामी एक प्रमुख फैशन केन्द्र भी है,जहाँ दुनिया भर के मॉडलों और कुछ सर्वश्रेष्ठ मॉडलिंग एजेंसियों का भी ठिकाना है। मियामी कई फैशन शो एवं कार्यक्रमों का आयोजन स्थल भी है,जिनमें शामिल हैं वार्षिक मियामी फैशन वीक और वेनवुड आर्ट डिस्ट्रिक्ट में आयोजित होने वाला मियामी मर्सिडीज-बेंज फैशन वीक। मियामी दुनिया की सबसे बड़ी कला प्रदर्शनियों का केंद्र भी है,जहाँ आर्ट बैसल मियामी बीच में ‘ओलंपिक्स ऑफ आर्ट्स’ को डब किया गया था। यह आयोजन प्रतिवर्ष दिसंबर में होता है और दुनियाभर से हज़ारों दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
अगले दिन हम संग्रहालय देखने जाते हैं दो बजे से हमें कोरल देखने भी जाना है। यह शहर कई संग्रहालयों का भी केंद्र है,जिनमें से कई डाउनटाउन में स्थित हैं। इनमें शामिल हैं बाँस संग्रहालय,फ्रॉस्ट कला संग्रहालय,दक्षिणी फ्लोरिडा का ऐतिहासिक संग्रहालय,फ्लोरिडा का यहूदी संग्रहालय,लोक कला संग्रहालय, मियामी कला संग्रहालय,मियामी बाल संग्रहालय,मियामी विज्ञान संग्रहालय, समकालीन कला संग्रहालय,विज़काया संग्रहालय और बाग़,वुल्फसोनियन-एफआईयू संग्रहालय हैं। हम केवल मियामी विज्ञान संग्रहालय और यहूदी संग्रहालय ही देख पाते हैं।
मियामी की समग्र संस्कृति लैटिनवासियों की बड़ी आबादी और मुख्य रूप से कैरिबियाई लोगों,जमैका,हैती,त्रिनिदाद एवं टोबैगो और बहामास जैसे द्वीपों से आये काले लोगों से अत्यंत प्रभावित है। सामान्य रूप से इसे लैटिन वासियों और काले कैरिबियाई अप्रवासियों का शहर समझा जाता है,जबकि मियामी क्षेत्र बड़े फ्रांसीसी,फ्रांसीसी कनाडाई,जर्मन,इटालियन और रूसी समुदायों का गृहनगर है। ये समुदाय मियामी और इसके उपनगरों के प्रमुख स्थानों में विकसित हुए हैं,जिससे जगह-जगह नस्ल आधारित आस-पड़ोसों का निर्माण हुआ है, जैसे लिटिल ब्यूनस आयरिस भी रहते हैं| अर्जेंटाइन,बोहेमियन,बारबाडियन,बोलिवियन, ब्राजीलियाई,कनाडाई,चिली वासी,चीनी, कोलम्बियाई,कोस्टा रिका वासी भी बड़ी संख्या में यहाँ हैं।
दोपहर होने तक साथ लाए पराठे-सब्जी सब ख़त्म हो जाते हैं और तेज भूख लग आती है।हम लंच के लिए एक इंडियन रेस्टॉरेंट में जाते हैं,जहाँ बैंगन का भुर्ता मिल जाता है। हम यलो दाल भी तंदूरी रोटी के साथ लेते हैं। हम निकलते हैं कोरल स्टेशन के लिए जहाँ हमारे रास्ते में ही मियामी विश्वविद्यालय आता है जहाँ चार पाँच एफ्रो अमेरिकन लड़कियाँ हमारे साथ फोटो खिंचवाती हैं। विश्वविद्यालय के प्रांगण में बड़ी संख्या में नारियल जैसे पाम के पेड़ लगे हैं जो बहुत अच्छे लगते हैं,हम यहीं बैठ जाते हैं सुस्ताने के लिए।
यहाँ से फिर चलते हैं मियामी बंदरगाह की ओर,यह संयुक्त राज्य अमेरिका के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक है। यह दुनिया में सबसे बड़ा क्रूज शिप बंदरगाह है। इस पोर्ट को अक्सर ‘क्रूज कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ और ‘कार्गो गेटवे ऑफ द अमेरिकाज’ कहा जाता है। यात्रा से लौटते हुए मियामी को एक बार फिर पर्यटक बनकर देखूँगी,यह सोचती हूँ। सुना है यह अमेरिका की ७वीं सबसे बड़ी आबादी है,जहाँ मियामी के उत्तरी दिशा में मिडटाउन स्थित है,जो एक ऐसा जिला है जहाँ कई वेस्ट इन्डियनों,स्पेनियों,बोहेमियाईयों, कलाकारों और गोरे लोगों की विविधतापूर्ण संस्कृतियों का एक अनूठा संगम है। पता चलता है कि एजवाटर और वेनवुड मिडटाउन के पड़ोसी इलाके हैं जो अधिकांशतः बहुमंजिले आवासीय टॉवरों से बने हैं। कहते हैं कि यहाँ अमेरिका के सबसे अधिक अमीर निवासी आम तौर पर उत्तर-पूर्वी हिस्से, मिडटाउन,डिजाइन डिस्ट्रिक्ट और अपर ईस्ट साइड में ही रहते हैं। यहाँ निर्मित भव्यतम भवन यह बताते हैं कि यह अमीरों का शहर है| पहली नजर में देखने पर यह न्यूयॉर्क के मेनहटन जैसा दिखाई देता है। पूरा शहर दो बड़े ब्रिज से आपस में जुड़ा हुआ लगता है। यहीं हमने सबसे ज्यादा ट्रैफिक भी देखा और दो एक्सीडेंट भी। एक एक्सीडेंट दूर हुआ था, ट्रैफिक रोका गया था तो पता चला था,लेकिन एक एक्सीडेंट में देखा कि कैसे कुछ ही देर में एक हेलीकॉप्टर आसमान में मंडराता है और पलक झपकते ही घायल को उठा ले जाता है, काश हमारे यहाँ भी जीवन की कीमत समझी जा सके, यह विचार कहीं मन में कौंधता है, एक पल को कुछ दुर्घटनाओं के दृश्य आँखों के सामने आते हैं। सोचती हूँ कि भारत अब भी सुव्यवस्थाओं में बाकी देशों से बहुत पीछे है।
हम कोरल कासल देखने जाते हैं जिसे पानी के अंदर जाकर भी देखा जा सकता है,पर हममें से किसी को भी समुद्र में तैरना नहीं आता इसलिए मैं डर जाती हूँ। “नहीं पानी के अन्दर कोई नहीं जाएगा” कहते हुए गुस्सा दिखाती हूँ पर बच्चे माँ को नाराज नहीं करना चाहते इसलिए वे सब मान जाते हैं,और हम सब मोटर बोट से जाते हैं। हालाँकि,बच्चे उदास होते हैं क्योंकि वे स्नोर्कलिंग और स्कूबा डाइविंग से जाना चाहते थे पर मोटर बोट जैसे ही चलती है तो हवाओं में सब नाराजगी चली जाती है। यह मोटर बोट तीन मंजिली है जिसमें बीच वाला हिस्सा खाली रहता है जिसके तले में मैग्नीफाइंग ग्लास लगे हैं। यह बोट गहरे पानी में अन्दर तक चली जाती है और अटलांटिक महासागर के बीचों-बीच जाकर समुद्र के रहस्यों को खोलने लगती है और हम पहुँच जाते हैं रंग-बिरंगी समुद्री कोरल कासल की दुनिया में,जहाँ कोरल रीफ समुद्र के नीचे एक प्रकार के जंगल हैं,जो लगभग २५ फीसदी प्रजातियों के जीवन का सहारा हैं। इन्हीं कोरल रीफों की मदद से अधिकांश समुद्री प्रजातियों को आवास तथा भोजन मिलता है। कहते हैं कि इन कोरल रीफों में भयंकर तूफानों को सोखने की क्षमता भी मौजूद है। अटलांटिक महासागर में हजारों किलोमीटर में फैला है यह समुद्री खजाना। ये रीफ मछलियों की हजारों प्रजातियों,कई तरह के सख्त मूंगे और कई तरह की प्रजाति की शार्क और रेज (खास तरह की मछली) का घर है। कहते हैं कि दुनिया का एक-चौथाई मुलायम मूंगा भी यहीं पर मौजूद है। ये दुनिया में समुद्री कछुए की कई प्रजातियों और कई तरह के समुद्री स्तनधारी जीवों का भी घर है,इसके साथ ही यहां कई प्रजाति की शूलचर्मी जैसे स्टारफिश और समुद्री अर्चिन पाए जाते हैं। हजारों किस्म के स्पंज,कीड़े और क्रसटेशियन के साथ ही यहां सी-बर्ड भी पाए जाते हैं। हमारी आँखें बोट में लगे मैग्नीफाइंग काँच के नीचे एक बिखरा हुआ खजाना देख रही थी जिसके कई रंग थे लाल,नीले,पीले,हरे, फिरोजी,सफ़ेद,भूरे,काले,बैंगनी रंगों का यह बगीचा था,जिसमें छोटी-छोटी हजारों मछलियाँ समूह में एकसाथ एक निश्चित आकार में तैरती हैं। आत्मसुरक्षा का उनका यह प्राकृतिक तरीका है। इनके रंग बेहद सुन्दर होते हैं। समुद्र के अंदर बसी जीवों की यह एक अलग दुनिया थी जो हमने अभी-अभी देखी थी। यूँ अंडमान में हम कोरल देख चुके थे पर वह एक छोटी-सी डगमगाती नाव में एक छोटा-सा क्षेत्र था और यह बीच समंदर में एक मोटर बोट से पानी के अन्दर उतर कर देखने जैसा अनुभव था।
प्रवाल भित्तियाँ कहलाने वाली मूंगे की चट्टानें हमारे समुद्री जगत के सौंदर्य की प्रतिनिधि संरचनाएँ हैं। पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा ये प्रवाल भित्तियाँ भी अपने चमकदार रंगों एवं विभिन्न आकृतियों के भीतर एक विशाल सजीव जगत संजोये हुए हैं। समुद्र में स्थित ये प्रवाल भित्तियाँ अर्थात मूंगे की चट्टानें वास्तव में कैल्शियम कार्बोनेट के कंकाल (ढाँचे) वाले प्रवालों से ही निर्मित चट्टानें हैं। इसमें भी मुख्य बात यह है कि इन सुंदर चट्टानों का निर्माण करने वाले मूंगे (प्रवाल)भी एक अत्यंत जटिल प्रक्रिया के मार्फत एक बहुत सूक्ष्म जलीय जीव से निर्मित होते हैं। जीव विज्ञान में मास्टर्स करते वक्त कितनी जिज्ञासाएँ थीं,जो आश्चर्यचकित करती थी कभी सोचा भी नहीं था कि समुद्र के अन्दर स्थित यह अनूठी दुनिया हम अपनी आँखों से देख पाएँगे वह भी सात समंदर पार अमेरिका आकर। कितने जीव थे जो तब याद नहीं रहते थे आज अचानक जिन्हें देखकर जेहन में जिनके नाम याद आने लगे। एक असीम शांति से भरा हुआ था मन,जब हम महासागर के बीच में पहुँचे और एक अनोखे समुद्री संसार को देख रहे थे तो लगा अपनी सांसारिक दुनिया से दूर किसी समुद्रीय संसार को देखना एक अदभुत अनुभव है जिसकी निर्मलता हमें हमारी छल प्रपंचों से भरी दुनिया से भले कुछ देर के लिए ही सही,एक नए लोक में ले जाती है।
हम मोटर बोट के सामने वाले हिस्से में खड़े हो जाते हैं जहाँ से दूर दूर तक समन्दर को देखना अच्छा लगता है जहाँ दिखाई देता है सिर्फ पानी….. पानी….. पानी…..। हमारी बोट एक निश्चित निर्धारित जगह से वापस पलट जाती है अब रास्ता छोटा लगता है। हम वापस अपनी कार में बैठ जाते हैं बातचीत में पता लगता है फिल्म ‘दोस्ताना’ में यहीं की शूटिंग है। पूरी फिल्म को मियामी,अमेरिका में फिल्माया गया है और यह बॉलीवुड की पहली फिल्म है जिसकी पृष्ठभूमि पूरी तरह मियामी पर आधारित है।
वापसी में हम देखते हैं एक और अजूबा मेट्रोमूवर,जो एक स्वतंत्र एलिवेटेड ट्रेन है। यह पूरे डाउन टाउन और ब्रिकेल में ३ लाइनों और २२ स्टेशनों से होकर गुजरती है। इसके बाद हम चल देते हैं घड़ियालों को उनके प्राकृतिक वास में देखने। बेटा अनमोल कहता है कि जो छूट गया वो अभी छूटने दो,क्योंकि मियामी हमें वापस आना है,लौटते वक्त हमारी उड़ान यहीं से है। मन ही मन कहती हूँ-“अच्छा हम आते हैं जल्दी ही तुम्हारे पास खूबसूरत मियामी।” घड़ियालों की दुनिया से वापसी में पता चला कि मियामी में पैदल और सायकल सवार खूब दिखाई देते हैं। यहाँ साइकिल चलाना मियामी बीच में बहुत लोकप्रिय है। लिंकन रोड पैदल यात्री सड़क है जो १६वीं स्ट्रीट और १७वीं स्ट्रीट के बीच पूर्व-पश्चिम में समानांतर बनी है। यहाँ साइकिलें किराये पर मिलती है। सालों बाद हम सबने साइकिल चलाई। साइकिल ने पुराने दिनों में लौटा दिया,एक बार फिर वो घर से कॉलेज और कॉलेज से घर लगभग ६ किलोमीटर साइकिल चलाना खूब याद आया। याद आई और भी जाने कितनी भूली-बिसरी बातें,याद आई अपनी खास लेडिस साइकिल।साइकिल की घंटी,और घंटी से याद आया कोई। एक धुँधला-सा चेहरा मन में कहीं झाँकने लगा,वो हमारे घर के बाहर से जब निकलता था तो उसकी साइकिल की घंटी लगातार बजती थी,शायद इस उम्मीद में कि मैं जरुर बाहर देखने आऊँगी। मन सोलहवें साल में पहुँच गया समय जाने कब हाथ से फिसलता चला गया जहाँ सायकल अब केवल एक स्मृति है और वो चेहरे धुँधले से हो गए हैं जो भूले-बिसरे गीत की तरह अचानक जेहन में कभी-कभी आ जाते हैं जिंदगी को ताजगी देते हुए।