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मोक्ष

इलाश्री जायसवाल
नोएडा(उत्तरप्रदेश)

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“मैं किसी से भी आपका अंतिम संस्कार करने की भीख नहीं मांग सकती थी। आपकी वंश बेल आगे न बढ़ सकी तो हमेशा आपको ताऊ जी के बेटों को अपनाने का दबाव झेलना पड़ा। उन्होंने भी आपका साथ बेमन से देने की कोशिश की,पर केवल वहीं तक जहां तक उनकी स्वार्थ सिद्धि हो रही थी। जरा-सा आपको जरूरत क्या पड़ी तो सबने अपने हाथ पीछे कर लिए कि,उनकी असली संतान उनकी बेटियां आगे आएं। तो अब सिर्फ आपकी मोक्ष प्राप्ति के लिए,आपको मुखाग्नि देने के लिए मैं उनके आगे गिड़गिड़ा नहीं सकती थी। आपके मोक्ष से अधिक आपको इस संसार से ससम्मान विदा करना मेरा लक्ष्य था। इसलिए,सारे नियमों को ताक पर रखकर मैंने आपको मुखाग्नि दी। इसके लिए मुझे क्षमा कर दीजिएगा।” पिता की चिता के आगे हाथ जोड़े वसुधा सोच रही थी।

परिचय-इलाश्री जायसवाल का जन्म १९७८ में २५ जून को हुआ हैl अमरोहा में जन्मीं हैंl वर्तमान में नोएडा स्थित सेक्टर-६२ में निवासरत हैंl उत्तर प्रदेश से सम्बन्ध रखने वाली इलाश्री जायसवाल की शिक्षा-एम.ए.(हिंदी-स्वर्ण पदक प्राप्त) एवं बी.एड. हैl आपका कार्यक्षेत्र-हिंदी अध्यापन हैl लेखन विधा-कविता,कहानी,लेख तथा मुक्तक आदि हैl इनकी रचनाओं का प्रकाशन विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं तथा पोर्टल पर भी हुआ हैl आपको राष्ट्रीय हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार व काव्य रंगोली मातृत्व ममता सम्मान मिला हैl इनकी लेखनी का उद्देश्य-हिंदी-साहित्य सेवा हैl इनके लिए जीवन में प्रेरणा पुंज-माता तथा पिता डॉ.कामता कमलेश(हिंदी प्राध्यापक एवं साहित्यकार)हैंl