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रस्मों-संस्कारों को अपनाएं

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
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आज लोग नहीं दुनिया,
परेशान है
सब जगह पर आग और,
तेज का तूफान है।

सहिष्णुता और प्रेम से,
ताल्लुक रखने वाले
हँसी के पात्र हैं,
ज़लज़ला पैदा करने वाले
हाथ पर हाथ सबके,
सदैव साथ हैं।

जंग और लोभ की लालसा,
सब जगह बेतरतीब
बहाने के साथ गुलजार है,
सहृदयता और उल्लास से
मरहूम यह संसार है।

अपनत्व और लगाव रखने वाले,
बहुत कम नजर आते हैं
बेबसी पर हँसी,
होंठों पे अक्सर ले आते हैं।

क्या जमाना आ गया है यहां ?
माँ-बाप पर भी दिल से,
प्यार करने की बड़ी खबरें,
सुनने में खूब आ रही है यहां।

अपने रिश्तेदारों को,
कौन पूछता है भला!
अब तो माँ-बाप ही,
बोझिल हो गए हैं यहां।

दुनिया की फितरत बड़ी अजीब है,
यहां अपनत्व और स्नेह भरी जिंदगी
पर, बातचीत लगती,
खूब बेतरतीब है।

गया जमाना जब हँस-बोल कर,
परिवार संग हम सब बैठकर
खूब बातें करते थे,
पर्व त्यौहार पर नजदीकी और पड़ोसी
आहें भर-भर कर ताने भरते रहते थे।

एकसाथ में माँ-बाप ताऊ-ताई,
बड़े-छोटे भैया भाभी संग
मिलकर खान-पान बहुत सुंदर लगते थे,
सब लोग दुनिया की इस रिवायत को,
परिवार की खुदकिस्मती समझते थे।

आज सब-कुछ स्वप्न हो चुका है यहां,
रिश्तों की दुनिया दफ़न हो गई है यहां
पुराने जमाने के रिवाजों, रस्मों, संस्कारों को,
समेटते हुए रिवायतों को अपनाएं।

आओ हम-सब मिलकर,
इसकी गंध और स्वाद पाने के लिए।
माकूल दवा तलाशने में,
जुट कर एक नई जन्नत बनाएं॥

परिचय–पटना (बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता, लेख, लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम., एम.ए.(अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, इतिहास, लोक प्रशासन व ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी, एलएलएम, एमबीए, सीएआईआईबी व पीएच.-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन) पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित कई लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं, जिसमें-क्षितिज, गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा) आदि हैं। अमलतास, शेफालिका, गुलमोहर, चंद्रमलिका, नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति, चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा, लेखन क्षेत्र में प्रथम, पांचवां व आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कई अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।

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