भोपाल (मप्र)।
दुष्यन्त कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में दुष्यन्त कुमार की ५० वीं पुण्यतिथि और संग्रहालय के २८वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम किया गया। मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगु भाई पटेल रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष विश्व रंग के निदेशक संतोष चौबे और विशिष्ट अतिथि दुष्यंत कुमार के पुत्र और उत्तराधिकारी आलोक त्यागी रहे।
इस अवसर पर राज्यपाल ने दुष्यन्त शोध केंद्र का उद्घाटन किया और साहित्यकार उदय प्रकाश को राष्ट्रीय दुष्यंत अलंकरण, कांति शुक्ला को सुदीर्घ साहित्य साधना सम्मान और डॉ. बहादुरसिंह परमार को बुंदेली के लिए आंचलिक भाषा सम्मान दिया। राज्यपाल ने जवाहर कर्नावट, अरुण तिवारी और विजय वाजपेयी को भी विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा, कि वैसे तो कई आयोजनों में मेरा जाना होता है, पर इस तरह के
साहित्यिक आयोजन में आना मुझे अच्छा लगता है, और ऐसे लोगों से जो साहित्य के माध्यम से देश की सेवा कर रहे हैं, बार-बार मिलना अच्छा लगता है। संग्रहालय के संस्थापक राजुरकर राज को याद करते हुए उन्होंने संग्रहालय के विकास और विस्तार के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर प्रशस्ति वाचन अरविन्द सोनी ने किया। स्वागत उद्बोधन संग्रहालय की निदेशक करुणा राजुरकर ने दिया। आयोजन में माधवराव सप्रे संग्रहालय के संस्थापक पद्मश्री विजय दत्त श्रीधर, अशोक निर्मल, शिल्पी दिवाकर, घनश्याम मैथिल, लेखिका संघ की अध्यक्ष साधना गंगराड़े आदि साहित्यकार उपस्थित रहे।
संचालन विशाखा राजुरकर ने किया। आभार संग्रहालय के अध्यक्ष रामराव वामनकर ने व्यक्त किया।