Visitors Views 24

‘विद्यावाचस्पति’ मानद उपाधि से सम्मानित होंगे रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश’

नई दिल्ली।

साहित्य संगम संस्थान(नई दिल्ली) द्वारा आयोजित वार्षिकोत्सव में जयपुर राजस्थान के साहित्यकार व बोली विकास मंच के अधीक्षक रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश’ को हिन्दी साहित्य की दीर्घकालीन सेवा के लिए विद्यावाचस्पति मानद उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इनकी किताब का विमोचन भी होगा।
यह जानकारी संस्थान के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी राजेश कुमार ‘पुरोहित’ ने दी। उन्होंने बताया कि २ जून २०१९ को असम राज्य के तिनसुकिया नगर‌ में संस्थान के वार्षिकोत्सव में रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश'(जयपुर,राजस्थान)सहित पाँच अन्य साहित्यकारों को ‘विद्यावाचस्पति’ उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ‘कल्पेश’ द्वारा रचित ‘काव्यमेध’ पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के अनेक साहित्यकारों के भाग लेने की संभावना है।
इस उपलब्धि पर श्री राँका को इष्ट मित्रों ने बधाई संदेश प्रेषित किए हैं। ज्ञात हो कि,लोकप्रिय मंच हिंदीभाषा डॉट कॉम (www.hindibhashaa.com)कॆ वरिष्ठ रचनाशिल्पी श्री राँका ने राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ मानित विश्वविद्यालय(तिरुपति, आन्ध्रप्रदेश) से शिक्षाशास्त्री की उपाधि प्राप्त की है,और परम पूजनीया भारत गौरव गणिनी आर्यिका १०५ विशुद्धमति माताजी के अनन्य भक्तों मे से एक हैं। हिन्दीे साहित्य में गहरी समझ रखने वाले श्री राँका को हिन्दीे के प्रचार-प्रसार व साहित्य सेवा के लिए राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहले भी अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। इनके द्वारा रचित ४ पुस्तकों व ६ साझा ‘काव्य संग्रह का भी प्रकाशन हो चुका है। वर्तमान में आप विभिन्न हिन्दीे साहित्य संस्थानों से जुड़े होकर अभियान के माध्यम से हिन्दीे भाषा को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए अहर्निशं कार्य कर रहे हैं।