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विष्णु प्रभाकर स्मृति समारोह:हुई कृतित्व पर चर्चा, किया सम्मान

मुजफ्फरनगर (उप्र)।

गंगा किनारे मीरापुर में जन्मे विष्णु ने (विष्णु प्रभाकर) जीवन के लगभग ७५ वर्ष साहित्य सेवा करते हुए करीब सभी विधाओं में विपुल साहित्य का सृजन किया। २० जुलाई को उनके जन्मदिन की पूर्व संध्या पर मीरापुर वासियों और उनके परिवार के सदस्यों ने मिलकर उनकी जन्म स्थली स्थित घर में स्मृति समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुजफ्फरनगर से आए वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप जैन ने की।    

       मुख्य अतिथि पत्रिका ‘विधी भारती’ (दिल्ली) की संपादिका श्रीमती संतोष खन्ना रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में मीरापुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुगंध जैन और जानसठ की एस.डी.एम. श्रीमती रश्मि लाम्बा उपस्थित रहीं। शुभारम्भ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एंव माँ सरस्वती तथा विष्णु प्रभाकर के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुआ। विधालय के बच्चों द्वारा सरस्वती वन्दना व स्वागत गान के पश्चात विष्णु जी के पुत्र अतुल प्रभाकर द्वारा सभा भवन स्थल स्थित हवेली में जन्में अपने पूर्वजों का विस्तृत ब्योरा देते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आपने कार्यक्रम में उपस्थित परिवार के सभी सदस्यों का परिचय कराया। उन्होंने प्रभाकर जी के रचनाकर्म पर भी प्रकाश डाला।

 अतिथियों ने प्रभाकर जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उनके द्वारा रचे गए विपुल साहित्य का संज्ञान लेते हुए उन्हें मूर्ति देवी सम्मान, सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, साहित्य अकादमी आदि पुरस्कार व सम्मान दिए गए।
  तत्पश्चात विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान द्वारा मीरापुर व आसपास के प्रबुद्ध नागरिकों, पत्रकारों व सत्संग भवन संचालन समिति के सदस्यों का पटका, प्रतीक चिह्न व पुस्तकों द्वारा सम्मान किया गया। शालेय बच्चों को भी प्रभाकर जी द्वारा रचित पुस्तकें भेंट में दी गई।