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सर्वथा सम्मान दिलाएं

डॉ.अशोक
पटना(बिहार)
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अपना सम्मान तिरंगा…

यह देश की आन-बान और शान है,
हमें इसे हर हाल में सुरक्षित रखना होगा
यह अपने देश का सर्वोच्च सम्मान है,
हमें राष्ट्रीय तिरंगे के लिए जान भी न्योछावर कर
प्राण से भी प्रिय राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा,
मजबूती से सदैव हमें अब करनी होगी।

अपने देश का तिरंगा शिखर पर पहुंचाते रखने में,
हमेशा आगे रहें, हम सब अब मिलकर अब यहां
तिरंगे की शान को विश्वभर में हमें मजबूत इरादों से,
बचाते हुए खूब सम्मान देना होगा हर क्षण हमें यहां।

सम्मान को सुलभ सबके लिए हमें बनाना होगा यहां,
राष्ट्रीयता की पहचान अब मजबूती से खूब होगी यहां।

वतन की यह एक उच्च तस्वीर है,
राष्ट्र का गौरव व शिखर प्राचीर है।

यह देश का एक सर्वश्रेष्ठ सर्वोत्तम सम्मान है,
हम सबको इस तिरंगे पर रहता अभिमान है।

मजबूत इरादों से सना यह एक उन्नत राष्ट्रीय सम्बल है,
आर्यावर्त भरतखण्ड संस्कृति का सबसे बड़ा बल है।

सम्मान और आदर देते हुए तिरंगे को सुरक्षित रखना है,
तिरंगे की शान को हमेशा हमें अक्षुण्ण बनाए रखना है।

यह देशप्रेम, भाव और विश्वास का श्रेष्ठ प्रतीक है,
राष्ट्रवाद और राष्ट्रीयता का एक अपूर्व संदीप है।

अपने देश के सम्मान को आदर करते रहें हम सब यहां,
किसी भी परिस्थिति में साथ नहीं छूटे कभी भी यहां।

यह देश के अपूर्व प्यार से सने गौरव को सदैव दिखलाता है,
समग्र देश में राष्ट्रीय अभिमान को सबको मन से बतलाता है।

आओ हम-सब मिलकर यहां एक उत्कृष्ट व उन्नत योजना बनाएं,
राष्ट्रीय अभिमान के प्रतीक तिरंगे को यहां सर्वथा सम्मान दिलाएं॥

परिचय–पटना (बिहार) में निवासरत डॉ.अशोक कुमार शर्मा कविता, लेख, लघुकथा व बाल कहानी लिखते हैं। आप डॉ.अशोक के नाम से रचना कर्म में सक्रिय हैं। शिक्षा एम.काम., एम.ए.(अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, हिंदी, इतिहास, लोक प्रशासन व ग्रामीण विकास) सहित एलएलबी, एलएलएम, एमबीए, सीएआईआईबी व पीएच.-डी.(रांची) है। अपर आयुक्त (प्रशासन) पद से सेवानिवृत्त डॉ. शर्मा द्वारा लिखित कई लघुकथा और कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं, जिसमें-क्षितिज, गुलदस्ता, रजनीगंधा (लघुकथा) आदि हैं। अमलतास, शेफालिका, गुलमोहर, चंद्रमलिका, नीलकमल एवं अपराजिता (लघुकथा संग्रह) आदि प्रकाशन में है। ऐसे ही ५ बाल कहानी (पक्षियों की एकता की शक्ति, चिंटू लोमड़ी की चालाकी एवं रियान कौवा की झूठी चाल आदि) प्रकाशित हो चुकी है। आपने सम्मान के रूप में अंतराष्ट्रीय हिंदी साहित्य मंच द्वारा काव्य क्षेत्र में तीसरा, लेखन क्षेत्र में प्रथम, पांचवां व आठवां स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के कई अखबारों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं।