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मप्र लेखक संघ की मंडला इकाई ने कराई शानदार काव्य गोष्ठी

मंडला (मप्र)।

मप्र लेखक संघ, इकाई मंडला की नवरात्रि केंद्रित व पलक पुण्य स्मरण काव्य गोष्ठी इकाई अध्यक्ष प्रो.शरद नारायण खरे के संयोजन-संचालन में दीर्घकालीन सदस्या श्रीमती अन्नू अनीता दुबे के निवास पर आयोजित की गई। इसमें श्रीमती दुबे की दिवंगत युवा पुत्री पलक को सबने भावभीने श्रद्धासुमन अर्पित किए और कविताओं के माध्यम से भी उनका पुण्य स्मरण किया।
    इस आयोजन में नवरात्रि पर्व, मातारानी, शक्ति पूजा, बेटी व नारी सशक्तीकरण पर शानदार गीत, दोहे, मुक्तक व मुक्तछंद की कविताओं का तरन्नुम में प्रस्तुतिकरण किया गया। श्रीमती आशा अवस्थी ने माँ दुर्गा को आशा और विश्वास का दीप कुछ इस तरह से प्रज्वलित किया-“मुझपे न इतना हँसो दुनिया वालों, कभी मैया मुझपे
मेहरबान होगी।”
   रेखा ताम्रकार ने माँ दुर्गा की वंदना की और दूसरी रचना में माँ नर्मदा के प्रति अपनी भक्ति और अनुराग की बखूबी प्रस्तुति की। कवयित्री श्रीमती नीलम खरे ने बेटी पर केंद्रित उत्कृष्ट दोहे मधुर गेयता के साथ पेश कर परिवेश को भावुकता से परिपूर्ण कर दिया। श्रीमती दुबे ने दिवंगत बेटी के लिए कहा-“एक तेरी याद के बल जी रही हूंँ बेटी, कह नहीं सकती-सुधा या हलाहल पी रही हूँ।”
 विनोद ताम्रकार व सुनीता सोनी की कविताएँ भी सराही गईं। प्रो. खरे ने श्रेष्ठ दोहे, मुक्तक व गीत पढ़े, साथ ही पलक बेटी के लिए कहा- “पलक झपकते पलक गईं तुम, पता दिया तो होता।
मातु-पिता का दिल है भारी, चुपके-चुपके रोता॥

    आभार प्रदर्शन संयुक्त रूप से सचिव डॉ. संध्या शुक्ल ‘मृदुल’ व श्रीमती दुबे ने किया।