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लेखकों का कर्म और धर्म दोनों महत्वपूर्ण

नीलम प्रभा सिन्हा
धनबाद (झारखंड)
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लेखकों का कर्म और धर्म दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज की विभिन्न समस्याओं को उजागर करना और उनके उचित समाधान प्रस्तुत करना लेखक का प्रमुख दायित्व होता है। लेखक का प्रथम कार्य सत्य का अन्वेषण करना तथा उसका निष्पक्ष रूप से प्रस्तुतिकरण करना है। उसे समाज में विद्यमान अच्छाइयों और बुराइयों दोनों को समान रूप से सामने लाना चाहिए। उसकी लेखनी केवल मनोरंजन का साधन न होकर जन-जागरण का प्रभावी माध्यम भी होनी चाहिए।
लेखक अपने साहित्य के माध्यम से समाज में नैतिकता, प्रेम, करुणा, समानता और मानवीय मूल्यों का प्रचार-प्रसार करता है। उसकी रचनाएँ लोगों को सही और गलत के बीच अंतर समझने की प्रेरणा देती हैं तथा समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं।
  लेखक का धर्म है, कि वह अपनी लेखनी को व्यक्तिगत स्वार्थ, पक्षपात, द्वेष और असत्य से दूर रखे। उसे जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र तथा राजनीतिक पूर्वाग्रहों से ऊपर उठकर मानवता के हित में लिखना चाहिए। एक सच्चा लेखक समाज को जोड़ने का कार्य करता है, न कि विभाजित करने का। उसकी रचनाएँ पाठकों के मन में सकारात्मक चिंतन, विवेक और संवेदनशीलता का विकास करती हैं।
लेखक का कार्य केवल सृजन करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक बनाना भी है। उसका धर्म मानवता की सेवा करना है। जब उसकी लेखनी लोककल्याण, सत्य, न्याय और संवेदना के मार्ग पर चलती है, तभी साहित्य अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त करता है। लेखक की लेखनी केवल शब्दों का संग्रह नहीं होती, बल्कि वह समाज के विचारों, संस्कारों और भविष्य के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
   समाज लेखक के विचारों को समझता है और उनसे प्रेरणा प्राप्त करता है। लेखक अपनी बुद्धि और विवेक के बल पर समाज की समस्याओं का विश्लेषण करता है तथा उनके समाधान भी प्रस्तुत करता है। समाज को लेखकों पर विश्वास होता है, क्योंकि वे हर विषय पर गहराई से विचार करके अपनी बात रखते हैं। लेखक अज्ञानता को दूर करने, जागरूकता फैलाने और लोगों में नई चेतना उत्पन्न करने का कार्य करता है। इसी कारण एक आदर्श समाज के निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
लेखक और कवि के शब्द केवल शब्द नहीं होते, बल्कि उनकी आत्मा की आवाज होते हैं। वे समाज के मार्गदर्शक बनकर लोगों को सही दिशा दिखाते हैं। समाज के सुधार, विकास और जागरण में लेखकों तथा कवियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।