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स्थापना दिवस पर चलाया ‘एक वृक्ष-एक दीप’ राष्ट्रव्यापी अभियान

🔹देशभर से जुड़े सृजनकारों ने जमाया गोष्ठी में काव्य रंग

सोनीपत (हरियाणा)।

कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा अपने चतुर्थ स्थापना दिवस पर व्यापक, प्रेरक एवं राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत सामाजिक-सांस्कृतिक अभियान ‘एक वृक्ष-एक दीप’ का आयोजन विभिन्न राज्यों एवं नगरों में एकसाथ किया गया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय सेना के बलिदान के प्रति कृतज्ञता का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा।
इस विशेष अवसर पर शनिवार को संस्था से जुड़े साहित्यकारों, रचनाकारों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने अपने निवास स्थानों पर पौधरोपण कर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का निर्वहन किया। फिर भारतीय सेना एवं परम बलिदानी योद्धाओं के सम्मान में दीप प्रज्ज्वलन कर राष्ट्र के प्रति अपनी भावनात्मक निष्ठा व्यक्त की।
उत्तराखण्ड, मप्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और जम्मू–कश्मीर आदि तक फैले इस पुनीत अभियान में साहित्यसेवियों एवं सामाजिक सहभागियों ने अपने-अपने नगरों में सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनमें गोपाल कृष्ण बागी, श्रीमती ज्योति राघव सिंह, बिनोद कुमार पाण्डेय, अमित पण्डा, भास्कर सिंह ‘माणिक’, मोहन अग्रवाल, डॉ. श्याम बिहारी मिश्र, डॉ. श्रीमती जया शर्मा, सूरदास सीही, श्रीमती आनंदी नौटियाल ‘अमृता’, संस्थापक श्रीमती राधाश्री शर्मा व पवनेश मिश्र (कल्पकथा) आदि प्रमुख रहे।
दूसरे दिन ‘माणिक’ के मंच संचालन में हुई काव्य गोष्ठी में देशभर से जुड़े सृजनकारों ने खूब रंग जमाया। अध्यक्षता नागपुर के साहित्यकार विजय रघुनाथराव डांगे ने की। मुख्य अतिथि शामली से युवा कवि रमेश चंद्रा गौतम रहे। अभियान को भविष्य में और व्यापक स्वरूप देने का संकल्प भी लिया गया।