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खेलो रंग- गुलाल

ममता साहू
कांकेर (छत्तीसगढ़)
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होली विशेष…

फागुन में होली आए, खेलो रंग गुलाल,
रंग लो प्रीत के रंग में, गाल हो लाली लाल।

प्रेम गलियन में सदा, किशन उड़ावे रंग,
प्रेम रंग में रंग गए, गोपियाँ राधे संग।

हर्ष उल्लास से सराबोर, होली का त्यौहार,
गिले-शिकवे सब मिट जाय, बरसे हिय में प्यार।

गुजिया-भुजिया संग मठरी, अपनों का सत्कार,
बांटकर खुशियाँ कर लो, तन मन का श्रृंगार॥