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विदेशों में भी धूम

ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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हम सब हिन्दुस्तानी है, भाषा हमारी हिन्दी है,
हम सब स्वाभिमानी हैं, शान हमारी हिन्दी है।

हम सभी सदा एक हों, आन हमारी हिन्दी है,
गौरव हमारी हिन्दी है, जान हम सबकी हिन्दी है।

इसका प्रसार बढ़ाना है, लोगों को समझाना है,
हिंदी में ही बात करें हम, हिन्दी को अपनाना है।

चाहे घर हो या हो दफ्तर, हिन्दी गले लगाना है,
हिंदी का उपयोग करें हम, हिन्दी दिवस मनाना है।

भैया, काका, दादा, पापा, दादी काकी, नानी, मम्मी है,
सबको बताए और समझाए, भाषा हमारी हिन्दी है।

इस भाषा की देश नहीं, विदेशों में भी धूम मची है,
अपनी भाषा के अलावा, सीखी बहुतों ने हिंदी है।

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा, हिन्दी जन-जन की हो भाषा,
हिंदी हमारी संस्कृति, हिन्दी बनी हमारी अभिलाषा॥