कुल पृष्ठ दर्शन : 2

हमारे राम वो

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’
पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)
**********************************

तर्पण पितरों का किया,
          जायेंगे निज धाम वो।
वो राधा वो साँवरे,
         अरे हमारे राम वो॥

पितरों का पूजन किया,
  पितर चले निज धाम को।
सदा लुटाते नेह वो,
    पूरा कर हर काम को॥

पितृ विदाई दिवस यही,
    जायेंगे निज लोक को।
उनसे ही पाते सभी,
    जीवन में आलोक को॥

पंद्रह दिन यहाँ रहे,
       हमसे आज विदा हुये।
दी हमको आशीष वो,
    रहे भले ही अनछुये॥

सदा सहायक ही बनें,
         मरते नहीं सजीव हैं।
पितर हमारे देवता,
   पितर सुखों की नींव हैं॥

रखें पितर को हम सदा,
     उर तल में ही धार कर।
जाते हैं वो तो सदा,
      बाधाओं पर वार कर॥

पितरों से सुख संपदा,
           पितरों से संतोष है।
जब हर्षित होते पितर,
        घर में आता तोष है॥