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पूछते श्री भरत-मेरे भारत का क्या हुआ ??

गोलू सिंह
रोहतास(बिहार)
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भाग-१……….
अभाव है चिंतन में,अलगाव है बंधन में!
कहो कब आजाद हुआ भारत ???
गुलामी हैं जन-जन में!!

आखिर सन ४७ के दौर में पुन: निर्माण की,
क्रिया क्यों नहीं की गई ?
`हम आजाद हो गए` ऐसी,
झूठी संतावना क्यों दी गई ??

क्या कुकर्म था उसमें,
जो १२ बजे रात में चलकर आई आजादी ?
आखिर दिन के उजाले में,
आजादी क्यों नहीं ली गई ?

`सत्ता का हस्तांतरण` और `स्वतंत्रता` में,
कुछ तो फर्क होता होगा ?
तो `सत्ता का हस्तांतरण` से,
फिर क्यों सहमति की गई ?

थी आजादी या तब भी,
कोई साजिश चल रही थी ?
या अप्रत्यक्ष रूप से गुलाम बनाने,
की कोशिश चल रही थी ?

वह कौन थी एडविना,
जिसने बंटवारे का षड्यंत्र रच डाला ?
अपने हुस्न की जाल में एक प्रधान का,
निम्न स्तर रच डाला ?

वेटन की तो नीति ही थी,
श्री भारत को तोड़ कर जाने की।
एडविना तो आदी थी ही,
लोलुपों को लुभाने की।

और सन ४७,१४ अगस्त को,
श्री भारत का टुकड़ा किया गया
कांग्रेस की सहमति से वह,
मजहब विशेष को दिया गया।
और…
बांट कर थाली में मीट परोसी गई,
जैसे बर्बाद करके बिहार से नदी कोसी गईll

परिचय-गोलू सिंह का जन्म १६ जनवरी १९९९ को मेदनीपुर में हुआ है। इनका उपनाम-गोलू एनजीथ्री है।lनिवास मेदनीपुर,जिला-रोहतास(बिहार) में है। यह हिंदी भाषा जानते हैं। बिहार निवासी श्री सिंह वर्तमान में कला विषय से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। इनकी लेखन विधा-कविता ही है। लेखनी का मकसद समाज-देश में परिवर्तन लाना है। इनके पसंदीदा कवि-रामधारी सिंह `दिनकर` और प्रेरणा पुंज स्वामी विवेकानंद जी हैं।