संवेदना की सशक्त आवाज है सविता राज की कविताएं
पटना (बिहार)। आजकल कविता के नाम पर गद्य को पदय घोषित करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ती जा रही है। काव्य-बिम्बों का लोप होता जा रहा है और कविता का रस कईबार शुष्कता में बदल जाता है, लेकिन इसी दौर में कुछ नई प्रतिभाएँ अपनी मौलिकता और संवेदनात्मक कारीगरी के साथ कविता में काव्यत्व की … Read more