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जन्मदिन

दृष्टि भानुशाली
नवी मुंबई(महाराष्ट्र) 
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है यह एक ऐसा दिन,
अधूरी थी एक जननी तुम्हारे बिन।
तुम्हारे पहली बार रोने पर वह मुस्काई,
पूरे संसार की खुशियां थी उसने पाई।

जीवन में पहली बार तुम्हारे रोने पर,
बाँटी थी मिठाईयाँ सबने खुश होकर।
नवीन रिश्तों का निर्माण किया था तुमने तब,
पहला कदम रखा था इस दुनिया में तुमने जब।

दादा-दादी और नाना-नानी के,
बन गए थे तुम लाड़ले।
मौसी,मामा,बुआ और चाचा बने थे,
सारे बच्चे छोटी-सी उम्र में।

तुम्हारी पहली मुस्कान जब आई,
वह अपने संग थी खुशियाँ लाई।
तुम्हारा पहला शब्द सुनने के लिए सभी ने,
अपनी पलकें थी बिछाई।

पहला शब्द या पहला कदम,
प्रत्येक क्रिया थी पहली बार।
सभी की थी एक यही आरज़ू,
कि तुम जियो हज़ारों साल।

हर महीना,हर एक साल,
कटता रहेगा यूँ ही।
केक काटकर,मिठाईयां बांट कर ,
मनाते रहना तुम्हारा जन्मदिन॥

परिचय-दृष्टि जगदीश भानुशाली मेधावी छात्रा,अच्छी खिलाड़ी और लेखन की शौकीन भी है। इनकी जन्म तारीख ११ अप्रैल २००४ तथा जन्म स्थान-मुंबई है। वर्तमान पता कोपरखैरने(नवी मुंबई) है। फिलहाल नवी मुम्बई स्थित निजी विद्यालय में अध्ययनरत है। आपकी विशेष उपलब्धियों में शिक्षा में ७ पुरस्कार मिलना है,तो औरंगाबाद में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हुए फुटबाल खेल में प्रथम स्थान पाया है। लेखन,कहानी और कविता बोलने की स्पर्धाओं में लगातार द्वितीय स्थान की उपलब्धि भी है,जबकि हिंदी भाषण स्पर्धा में प्रथम रही है।

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