एपस्टीन फाइल्स
सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* बेगुनाह चीखें जब गूँज उठी,परतें-दर-परतें उधड़ गईनरभक्षियों की ‘एपस्टीन फाइल्स’,कालिख बन जग में पसर गई। ये वीभत्स तमाशा कहाँ हुआ ?शीशे-सा कानों में उतर गयाधरती सुन जैसे चटक गई,मन पीड़ा से शर्मसार हुआ। कई चेहरों से नक़ाब उड़े,काले मुखड़े एकसाथ दिखेजो लगते थे प्रेरक सबको,वो गंदी नाली के कीट लगे। भोगों … Read more