स्वर गंगा की चंचल लहरें थीं आशा जी
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… भारतीय संगीत आकाश का एक तेजस्वी नक्षत्र अस्त हो गया। आशा भोसले के निधन के साथ ही वह स्वर-युग समाप्त हो गया, जिसने दशकों तक श्रोताओं के हृदयों को मधुरता, चंचलता और भावों की अनंत गहराई से आलोकित किया।सन् १९३३ … Read more