अगर पेड़ पैसों के होते…
डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* अगर पेड़ पैसों के होते,हम सब मिलकर घर में बोते। जरूरत पड़ती जब पैसों की,नये-नये पेड़ों को बोते। गरीबी का तो नाम ना होता,सबके सब अमीर ही होते। खेतों में सोना उपजाते,सबके वारे-न्यारे होते। रातें तब ना काली होती,दिन सपनों से प्यारे होते। चारों तरफ हरियाली होती,‘कोरोना’ से रोग … Read more