हिन्दी तुझको नमन

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हिंदी तुझे मेरा वंदन,तन मन धन जीवन अर्पणहिंदी तुझे मैं हर पल लिखूँ,मेरे माथे की तू बिंदीमैं हिन्द की बेटी बस हिंदी जानूँक्या अब, क्या कल क्या ?वर्षों की बात लिखूँ,जन्म के जज्बात मैं लिखूँ। जीवन लिख दूं, जन्म-जन्म लिख दूं,हिंदी तुझे हर बार लिखूँमधुर मिलन के अनुराग लिखूँ,साजन के प्रेम की … Read more

हिन्दी भाषा, साहित्य और तकनीक का हुआ संगम, शोध पत्र वाचित

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जबलपुर (मप्र)। हिन्दी विभाग, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल कॉलेज (जबलपुर) द्वारा ‘विश्व हिन्दी दिवस’ के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी ‘वैश्विक परिदृश्य में हिन्दी भाषा, साहित्य और तकनीक’ विषय पर आयोजित की गई। मुख्य अतिथि डॉ. पुष्पिता अवस्थी (पूर्व प्रोफेसर, काशी विद्यापीठ व अध्यक्ष-वैश्विक हिन्दी संगठन, नीदरलैंड्स) एवं मुख्य वक्ता डॉ. संदीप अवस्थी … Read more

नव वर्ष के हर्ष में कराया कवि सम्मेलन

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अयोध्या (उप्र )। श्रीराम राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अयोध्याधाम आम्बेडकर नगर इकाई द्वारा नए वर्ष के उपलक्ष्य में अ.भा. कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। वरिष्ठ कवि अशोक गोयल चक्रवर्ती ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय कवयित्री बीना गोयल रही।इस कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक कवि, गीतकार, गज़लकार एवं शायरों ने अपने अदभुत अंदाज में … Read more

विश्व हिन्दी दिवस:६ महाद्वीप व १० देशों के विद्वानों ने की सहभागिता

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नारनौल (हरियाणा)। मनुमुक्त ‘मानव’ मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा ‘विश्व हिंदी दिवस’ के सुअवसर पर भव्य आभासी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें आस्ट्रेलिया, सिंगापुर, ट्रिनिडाड और अमेरिका सहित १० देशों के साहित्यकारों और विद्वानों ने सहभागिता की। रवींद्रनाथ टैगोर विवि (भोपाल, मप्र) में अंतरराष्ट्रीय हिंदी-केंद्र के निदेशक डॉ. जवाहर कर्णावट की अध्यक्षता रही। अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद … Read more

स्थापना दिवस पर चलाया ‘एक वृक्ष-एक दीप’ राष्ट्रव्यापी अभियान

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🔹देशभर से जुड़े सृजनकारों ने जमाया गोष्ठी में काव्य रंग सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा अपने चतुर्थ स्थापना दिवस पर व्यापक, प्रेरक एवं राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत सामाजिक-सांस्कृतिक अभियान ‘एक वृक्ष-एक दीप’ का आयोजन विभिन्न राज्यों एवं नगरों में एकसाथ किया गया। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय सेना के बलिदान के प्रति कृतज्ञता … Read more

भारत की बिंदी ‘हिन्दी’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* संस्कृत-सरिता से उतरी, जन-जन में रस भरती है,आँगन से आकाश तलक, सुधियों में दीप जलती है।विज्ञान-साहित्य की सेतु, सरलता की मधु पहचान,भारत की बिंदी हिन्दी, हर उर में प्रीत भरती है॥ स्वाधीनता के रण में तू, मशाल बन चलती है,क्रान्ति की हर चिंगारी, अक्षर-अक्षर ढलती है,लोकमानस की धड़कन, जन-आशा … Read more

सर्दियों की सुबह

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* सुबह सर्दियों की,थोड़ी अलसाई-सीनरम धूप की चादर ओढ़े,ज्यों नींद में मुस्काई-सी। कोहरे के आगोश में शहर,छाई है धुंध-सीओस की बूँदें फूलों पर,चमकती हीरे-सी। रजाई से झांकती आँखें,सपनों में उलझी-सीसर्द हवा के झोंके,छेड़ें कहानी कुछ सिहरन-सी। चिड़ियों की हल्की चहचहाहट,देती सुबह की दस्तक-सीगलियों में कदमों की आहट जैसे,ठंड से करती समझौता-सी। छत पर … Read more

शिशिर के तेवर

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* ढाने लगा शिशिर, तेज अपने अब तेवर,जहाँ तहाँ सुलगने लगे अलाव के जेवरशीत ऋतु का जोर हुआ, बदले है आलम,सब लपेटना चाहते हैं रजाई गरमागरम। ताप रहे है सब निर्धन, अलाव के आसपास,घेर-घेर कर बैठे हैं, चेहरे पर लेकर अग्निउजासदीन-गरीब की झोपड़ियों में, कपड़े नहीं पर्याप्त,ठंड के इस कोहराम में, केवल … Read more

बेहतरीन शायर मिर्जा गालिब को किया याद, शानदार ग़ज़लें सुनाई

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आगरा (उप्र)। शायरी की दुनिया के आला शायर मिर्जा गालिब की २२८वीं जयंती के अवसर पर ‘बज़्म-ए-गालिब का आयोजन ग्रैंड होटल सभागार में किया गया। मिर्जा गालिब की तस्वीर के सम्मुख सुश्री प्राची दीक्षित (कैलिफोर्निया), डीसीपी सैयद अली अब्बास, डीसीपी अतुल शर्मा, एडीएम आजाद भगत सिंह, सुधीर नारायण एवं अरुण डंग ने शमा रौशन कर … Read more

समाज सुधारक राजा राम मोहन राय

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** २२ मई १७१२ को जन्म राधानगर बंगाल,ब्राह्मण रूढ़िवादी परिवार में बीता बाल्यकालमाँ तारिणी देवी, पिता रमाकांत किए देखभाल,प्रारंभिक शिक्षा पटना में पाई, उच्च शिक्षा बंगाल। संस्कृत, फारसी, अरबी व अंग्रेजी भाषा अध्ययन किया अपार,भारतीय समाज की कुरीतियों पर बदले उनके विचारसती प्रथा, बाल विवाह, विधवा पुनर्विवाह का किया प्रतिकार,ब्रह्म … Read more