सुबह-सी सुहानी ग़ज़लों का संग्रह `चश्मदीद`

आरती सिंह ‘प्रियदर्शिनी’ गोरखपुर(उत्तरप्रदेश) ***************************************************************************************** गगन स्वर बुक्स प्रकाशन के अंतर्गत प्रकाशित ग़ज़ल संग्रह चश्मदीद शैदा आराई द्वारा लिखा गया है। शैदा आराई का मूल नाम कुमार संजय है,तथा यह आरा जिला (बिहार) के रहने वाले हैंl उन्हें यह साहित्यिक नाम शायर एवं कवि हजरत निर्दोष कुमार प्रेमी द्वारा दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी शैदा … Read more

हम एक हैं

संजय जैन  मुम्बई(महाराष्ट्र) ************************************************ मान-अभिमान के चक्कर में, कितनों के घर उजड़ गए। हँसते-खिलखिलाते जीवन, इसकी भेंट चढ़ गये। फिर न मान मिला, न सम्मान मिला। मन में पैदा हो गया अभिमान, जिसके चलते टूट रहे बहुतों के परिवारll इसलिए हमें न मान चाहिए, न सम्मान चाहिए। बस आपस का, प्रेम-भाव चाहिए। हो सकते मतभेद, … Read more

ट्रम्प का बढ़िया गोरखधंधा

डॉ.वेदप्रताप वैदिक गुड़गांव (दिल्ली)  ********************************************************************** अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का गोरखधंधा भी बड़ा मजेदार है। भारत सरकार द्वारा उनकी मध्यस्थता से इंकार के बावजूद वे मध्यस्थता किए जा रहे हैं। कभी वे नरेंद्र मोदी से बात करते हैं,तो कभी इमरान खान से! मध्यस्थता और क्या होती है ? उनकी मध्यस्थता कश्मीर से बिल्कुल भी … Read more

मिट्टी जिसने,सींच-सींच कर..

लालचन्द्र यादव आम्बेडकर नगर(उत्तर प्रदेश) *********************************************************************** मिट्टी जिसने,सींच-सींच कर, हरियाली फैलायी। अरे! आज क्यों सुबह उसी ने, सूखी रोटी खायी ? ठंडी कारों में चलते, सब लेते हैं अंगड़ाई। इनको न मिल पाती देखो, टूटी-सी चारपाई! गिरगिट जैसे रंग बदलकर, नेता चलते भाई। कहने को सब सस्ता लेकिन, बढ़ी खूब मंहगाई। अब जमीन पर सोई … Read more

किशन कन्हैया

महेन्द्र देवांगन ‘माटी’ पंडरिया (कवर्धा )छत्तीसगढ़  ************************************************** किशन कन्हैया रास रचैया,सबको नाच नचाये। बंशी की धुन सुनकर राधा,दौड़ी-दौड़ी आये॥ बैठ डाल पर मोहन भैया,मुरली मधुर सुनाये। इधर-उधर सब ढूँढे उसको,डाली पर छुप जाये॥ मधुर-मधुर मुरली की तानें,सबके मन को भाये। बंशी की धुन सुनकर राधा,दौड़ी-दौड़ी आये॥ छोटा-सा है किशन कन्हैया,नखरे बहुत लगाये। उछल-कूद करता है … Read more

मजबूत इच्छाशक्ति से बदलता भारत

आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि नई दिल्ली(भारत) ************************************************************************* देश में जबसे नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं,सकारात्मक परिवर्तन की बयार बहती दिख रही है। इसके पीछे मजबूत नेतृत्व,विकास नीतियां एवं आदर्श मूल्यों की स्थापना का संकल्प है। राष्ट्र में राजनीतिक परिवेश ही नहीं बदला,बल्कि जन-जन के बीच का माहौल,मकसद,मूल्य और इरादा सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य … Read more

कन्हैया का जन्म

मनोरमा जोशी ‘मनु’  इंदौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. कृष्ण जी ने जन्म लिया रात आधी, जमना मैया पूर थी उस रात आधी। चले वसुदेव जी लेकर कन्हैया, पार करने लगे जमना मैया, मध्य रात्रि थी जमना ऊपर उठी कानाजी उगली उठाये, उसमें आधी। जहाँ जन्म लिया,वहाँ पिया दूध नहीं, जहाँ दूध पिया,वहाँ लिया दूध … Read more

वसुधा को आह

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** ऐ सावन क्या कर दिया, ऐसा तूने राड़। बहा रही है जिन्दगी, भू पर चढ़ती बाढ़॥ सावन नित देने लगा, वसुधा को यूँ आह। पानी,पानी हो रहा, नहीं नीर की थाह॥ नीरद अब विनती सुनो, मंद करो कुछ चाल। मनुज कष्ट हैं सह रहे, वसुधा हुई निढाल॥ नीरद तुमने भर … Read more

कन्हैया आज चले आना

डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’ अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ****************************************************************************** कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. कन्हैया आज चले आओ, बांसुरिया,सुंदर मधुर बजाओ। गोकुल में सब ग्वालन गैया, करें प्रतीक्षा ब्रज की मैया। आज श्याम घन आओ, कन्हैया आज चले आओ…॥ देवकी माता जन्म दियो है, वासुदेव संग कष्ट सह्यो है। आकर कष्ट निवारो, कन्हैया आज…॥ अर्धरात्रि भादो की काली, मेघों ने … Read more

मेरे कृष्ण

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* कृष्ण जन्माष्टमी स्पर्धा विशेष………. हे देवकी पुत्र,यशोदा नंदन बसते हो राधा संग,वृंदावन, पुनः अवतरित हो जाओ नित नजरें निहारे डगर, प्रभु कब आओगे इधर हे जगत् के रखवाले कृष्ण। हे द्रौपदी की लाज बचाने वाले मथुरा का माखन चुराने वाले, नख पर पर्वत उठाने वाले साग विदुर घर खाने वाले, … Read more