रंग मतवाले

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** होली विशेष… रंगपंचमी के रंग,बड़े मतवालेलगाते शरीर पर,खिल जाते दिलवाले हैं।रंग धनवान नहीं,अमीर-गरीब के संगरहते त्यौहार पर,ये भेद मिटाने वाले हैं।सूखे रंगों से खेलें हम,‘जल ही जीवन’ कीबात समझाने वाले हैं॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई १९६२ को उज्जैन में जन्मे श्री वर्मा का स्थाई बसेरा मनावर … Read more

विज्ञान की शिक्षा के लिए मातृभाषा माध्यम सर्वाधिक उपयुक्त-प्रो. मिजोकामी

‘मातृभाषा सप्ताह’ मुम्बई (महाराष्ट्र)। मुम्बई (महाराष्ट्र)। विज्ञान की शिक्षा के लिए मातृभाषा माध्यम सर्वाधिक उपयुक्त है। अमेरिका के बाद सर्वाधिक नोबेल पुरस्कार जापान ने जीते हैं और वहाँ के सभी लोग मातृभाषा में ही पढ़ाई करते हैं।मुख्य अतिथि के नाते जापान के प्रख्यात विद्वान पद्मश्री प्रो. तोमियो मिजोकामी ने यह बात कही। अवसर बना ‘मातृभाषा … Read more

गहना उजियारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गहना केवल स्वर्ण नहीं, स्नेहिल स्मृति का उजियारा है,माथे की बिंदिया-सा दमके, घर-आँगन का सितारा हैममता की मणि जड़ित हँसी, रिश्तों की रेशम डोरी,संस्कारों की शीतल छाया, जीवन का सच्चा सहारा है। गहना बन कर आई बेटी, आँगन में सुरभित भोर हुई,नन्हे पग की रुनझुन से ही, हर चिंता … Read more

लेखन की चुनौती पर कराई स्पर्धा

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नई दिल्ली। सोच पब्लिकेशन हाउस के राइटिंग समूह क्रिएशन की स्प्रिंट्स द्वारा लेखन चुनौती का आयोजन किया गया, जिसमें साहित्यिक प्रेम और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सभी ने अपनी प्रतिभा दिखाई। संस्थापिका सुरंगमा के मार्गदर्शन में इस ८ दिवसीय कार्यक्रम के संचालन में सलोनी खन्ना, शुभम शिंदे तथा हार्दिक महाजन ने … Read more

‘विश्व गौरैया दिवस’ पर पत्र लेखन स्पर्धा

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टोंक (राजस्थान)। वन विभाग, श्री दादू पर्यावरण संस्थान टोंक एवं साहित्य मंच टोडारायसिंह के तत्वावधान में ‘विश्व गौरैया दिवस’ (२० मार्च) पर स्पर्धा कराई जा रही है। शालेय विद्यार्थियों, युवाओं एवं आमजन में पक्षियों के संरक्षण, संवर्धन एवं जन जागरूकता के उद्देश्य से इस प्रतियोगिता में पत्र लिखकर पते पर स्वयं या स्पीड पोस्ट द्वारा … Read more

शांति ही बदलती दुनिया की अनिवार्य अपेक्षा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** नई बनती दुनिया का चेहरा जितनी तेजी से बदल रहा है, उतनी ही तेजी से वैश्विक असुरक्षा की भावना भी गहराती जा रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ता टकराव केवल क्षेत्रीय संघर्ष नहीं है, बल्कि वह ऐसे वैश्विक असंतुलन का संकेत है; जिसमें शक्ति संतुलन की पुरानी व्यवस्थाएं टूट … Read more

होली में…

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** होली विशेष… गुलाबी गाल की बातें, रंगीले ख़्वाब की बातें,पुरानी हो चुकी है सब, ये नदियाँ पार की बातेंपकड़ कर साथ चलते हैं, सभी का हाथ होली में,नया कुछ कर दिखाते हैं, चलो इस बार होली में। कुंडली मार कर बैठा है, यह जो नाग नफरत का,दंभ और द्वेश ने फैला दिया … Read more

मातु तेरा नित अभिनन्दन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मातु शारदे, नमन् कर रहा, तेरा नित अभिनंदन है।ज्ञान की देवी, हंसवाहिनी, तू माथे का चंदन है॥ अक्षर जन्मा है तुझसे ही,तुझसे ही सुर बिखरे हैं।वाणी तूने ही दी सबको,चेतन-जड़ सब निखरे हैं।दो विवेक और नवल चेतना, तेरा तो अभिनंदन है,ज्ञान की देवी, हंसवाहिनी, तू माथे का चंदन है॥ कर दे … Read more

युद्ध नहीं चाहिए विश्व को

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ आज फिर घर घोर अंधेरा छाया हुआ,विश्व में बढ़ रही आहटतीसरे विश्व युद्ध की,पर मानवता पुकार रही युद्ध नहीं चाहिए विश्व में…। वर्चस्व की इस लड़ाई में सदियाँ बीत गई,ताकत का इतना घमंड ठीक नहीं है भाईइससे आमजन ही मरते हैं,इसलिए मानवता पुकार रहीयुद्ध नहीं चाहिए विश्व में…। ये बम-बारूद-हथियार … Read more

गोष्ठी में हुआ ३ काव्य कृतियों का विमोचन

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नई दिल्ली। विद्योत्तमा फाउंडेशन (नासिक) के संस्थापक सुबोध कुमार मिश्र के आगमन पर विद्योतमा फाउंडेशन की दिल्ली शाखा ने काव्य गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें ३ कृतियों का विमोचन भी किया गया।गोष्ठी में सरोजिनी ‘तन्हा’ की पुस्तक ‘कृष्णम् वंदे जगद्गुरुम्’, दीपमाला माहेश्वरी की ‘सुनहरे पंख’ तथा सत्यदेव तिवारी की पुस्तक ‘श्री राम नाम रामायण’ का … Read more