नारी के रंग, होली के संग
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** हर पल-हर क्षण का रंग बदल जाता,कभी स्नेह का आँचल फहरा जाताआशा का स्पंदन कभी ठहर जाता,बाल्यकाल गुलाबी सपनों कीलाली साथ में लेकर आता। इंद्रधनुषी मुस्कान कोयौवन हमेशा साथ लाता,कभी पीड़ा का धूसर रंगभी विरह अपने में समेट लेता। मुख पर धैर्य सजा रखती है,अडिग विश्वास भी हमेशा होतामाँ बनकर वह पीत … Read more