करना है कुछ नवल-प्रबल

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नया काल है, नया साल है, गीत नया हम गाएँगे।करना है कुछ नवल-प्रबल अब, मंज़िल को हम पाएँगे॥ बीत गया जो, उसे भुलाकर, हम गतिमान बनेंगे,जो भी बाधाएँ, मायूसी, उनको आज हनेंगे।गहन तिमिर को पराभूत कर, नया दिनमान उगाएँगे,करना है कुछ नवल-प्रबल अब, मंज़िल को हम पाएँगे…॥ काँटों से कैसा अब … Read more

अब इस पर मनन करें

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* नया सबेरा, नयी आशाएँ, नए संकल्प… ========आया है नववर्ष सभी मिलदोषों का शमन करें।जो छूट गया इस साल चलोअब इस पर मनन करें॥ भूलें पिछली बातों को सब,नव संबंध बनाएं,भाव प्रेम का भरें हृदय में,ईर्ष्या-द्वेष मिटाएं।संस्कृति का सम्मान दिलों में,कटुता का वमन करें,जो छूट गया इस साल चलोअब इस पर … Read more

हर पल नया-नया हो

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ नया सबेरा, नयी आशाएँ, नए संकल्प…… नव वर्ष आ गया है, हर पल नया-नया हो,मौसम हो चाहे कोई, अनुकूल हर हवा हो। दीपक की रोशनी को, ऐसा ख़ुमार आये,तुम रात में जलाओ, दिन-सा निखार लाये।ऐसे कि जैसे दीपक दिनमान बन गया हो,मौसम हो चाहे कोई, अनुकूल हर हवा हो…॥ आँधी उठे या तूफा, … Read more

ढलती उम्र

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* पहले तो सब सुख से बीता, रोग कभी भी पास न आया।आकर जाती नहीं बुढ़ाई, अब हर दिन दु:ख पाती काया॥ बचपन में सब खुशहाली थी, दर्द नहीं कोई ग्रस पाया,आलस्य, पीड़ा, मायूसी ने, कभी नहीं किंचित भटकाया।मैंने गति में रहकर नित ही, अपना यौवन काल बिताया,उल्लासित रहकर सुख पाया, मन … Read more

जीवन सीख न पाते

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* रचनाशिल्प:मुखड़ा-१६,१२ मात्राओं की यति पर २८ मात्रा के २ पद। प्रत्येक पद में १२ मात्राओं का टेक। अंतरा-२८ (१६+१२) मात्राओं के ३ पद। फिर १२ मात्राओं का टेक। धरती, अम्बर, नदियाँ, सागर, धीरज गुण अपनाते।धीरज गुण अपनाते…।देखें समझें फिर भी गुण ये, जीवन सीख न पाते।जीवन सीख न पाते॥ हर … Read more

जयमाला

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* राजा भूपति आए बैठे, जनक के दरबार।मनोहर छवि श्रीराम की, देते तन-मन वार॥ सीता की विवाह बेला, धनुष बाण टूटेगा,जनक द्वारे भीड़ लगी राजा का मोह छूटेगा।बलशाली राजा आए जनक के दरबार,राजा भूपति…॥ सीता के सपने लिये, मन में चलते द्वन्द हजार,फूलों-सी कोमल सिया, किसे करें स्वीकार।इक-दूजे को देखते, नृप … Read more

मत कर अब तू टालम-टोल

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** झूठ-मूठ का रूठ-रूठ कर,आँखें बनाता गोल-गोल।गाल हाथ से थाम दोनोंअपना बस्ता अथर्व खोल…॥ घर-बाहर खेल रहे बच्चे,उसको भी करना है खेल।गृह कार्य से जान बचाता,एसे तो होएगा फैल।मम्मी उसे मनाती मेरा,राजा बेटा तू अनमोल।अपना बस्ता अथर्व खोल…॥ खेल-कूद भी है आवश्यक,पढ़ना भी मानो तुम सार।पुस्तक कलम से करो दोस्ती,जीवन की न पढ़ेगी … Read more

खूबसूरत इश्क़

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* हो अगर इश्क़ खूबसूरत तो, फिर क्यों ना मुस्कायें।दिल अगर दिल से मिल जाए, तो फिर क्यूँ न मुस्कायें।। इस दुनिया से मैं टकरा जाऊँ, तुम्हारी खातिर,चाहे चाल चलें गहरी लोग, इस दुनिया के शातिर।तुम प्यार करो मुझसे, अब तो फिर क्यूँ न मुस्कायें,हो अगर इश्क़ खूबसूरत…॥ इस खूबसूरत इश्क … Read more

ऐसे दीप जलाएँ हम

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** अँधियारा मिट जाए, ऐसे दीप जलाएँ हम।सब ख़ुश हो जाएँ, ऐसे समरस हो जाएँ हम॥ छोड़ दें अब तो लालच का साया,स्वार्थ से कभी क्या कुछ मिल पाया।जरा दुश्मन को भी दोस्त बनाएँ हम,अँधियारा मिट जाए, ऐसे दीप जलाएँ हम…॥ देश का सोंचे, सदा बलिदान करें,प्रेरणा बनें, नारी का सम्मान करें।मन-आँगन में … Read more

परिवार को सजा लो

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* रचनाशिल्प:२ २ १ २ १ २ २ २ २ १ २ १ २ २…. परिवार को सजा लो, संसार भी सजेगा।अभिसार जिन्दगी को, ‘रब’ से यहीं मिलेगा॥ हम बन्दगी निभा के, हर ज़िंदगी सजा लें,सारे जहान की हम, संजीदगी दिखा दें।संजीदगी दिखा दें…गुजरे हुए समय का, सम्मान भी रहेगा,थी ज़िंदगी … Read more