टूट रहे समरस वतन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* तुले तोड़ने चल पड़े, देश धर्म सद्भाव।ताल बजाते देख जन, काम क्रोथ मद घाव॥ टूट रहे समरस वतन, भाषा जाति समाज।कहाँ परस्पर मेल अब, कलह द्वेष आगाज॥ गहराती गर्मी कहर, लू बरसाता ताप।कहीं मौत बन आँधियाँ, कहीं गहन बरसात॥ कीचड़ में खिलते कमल, सहतेक्ष बहु दुर्गन्ध।धर्म जाति संघर्ष में, … Read more

हे भगवन, ला दो नया विहान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* हनुमान जयंती (१२ अप्रैल ) विशेष… संकटमोचन देव हैं, कहते हम हनुमान।असुर मारते, धर्म हित, जय हो दयानिधान॥ सदा राममय ही रहें, पावन हैं हनुमान।जो उनके चरणों पड़े, उसकी रखते आन॥ रुद्र अंश धारण किया, राम हितैषी तात।जय-जय हो हनुमान जी, देव सदा सौगात॥ भूत-पिशाचों पर कहर, हर संकट पर मार।जहाँ … Read more

जन्में अवध में रघुराई

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* जन्में रघुराई अवध, मुदित अयोध्या धाम।रघुनंदन पुनरागमन, सजा अवध अभिराम॥ दशरथनन्दन अवध फिर, सूर्यवंश आलोक।रामतत्त्व रस पान कर, मिटे विपद सब शोक॥ पर्व रामनवमी दिवस, पूजन जगदाधार।पतित पावन राम भज, हो भवसागर पार॥ बाल रूप अनुपम छटा, कौशलेन्द्र रघुवीर।मेधावी संयत विनत, धीर वीर गम्भीर॥ हियतल रामपूजन करें, भक्ति प्रेम … Read more

बनें सतमार्ग के पथिक

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* महावीर जयंती (१० अप्रैल) विशेष… वर्धमान महावीर को, सौ-सौ बार प्रणाम।जैन धर्म का कर सृजन, रचे नवल आयाम॥ तीर्थंकर भगवान ने, फैलाया आलोक।परे कर दिया विश्व से, पल में सारा शोक॥ महावीर ने जीतकर, मन के सारे भाव।जीत इंद्रियाँ पा लिया, संयम का नव ताव॥ कुंडग्राम का वह युवा, बना धर्म … Read more

माँ सिद्धिदात्री पुजूँ सादर भक्ति

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रावण वध लंका विजय, शुंभ निशुम्भ विजीत।सिद्धिदातृ नवमी सविधि, पूजें राम विनीत॥ सिद्धिदातृ माँ भगवती, नवदुर्गे नवशक्ति।सती अम्बा तेजस्विनी, पुजूँ सादर भक्ति॥ रिद्धि सिद्धि दात्री जगत, करुणानिधि जगदम्ब।करूँ मंगला आरती, तू जीवन अवलम्ब॥ सकल मनोरथ कामना, रोग शोक संताप।हरो मातु दुर्गे शिवे, लोभ मोह मद पाप॥ प्रकृति विलासिनि शैलजे, … Read more

माँ कात्यायनी देवी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* षष्ठी माँ कात्यायनी, माता का दरबार।भक्तों की अभ्यर्थना, करो अम्ब स्वीकार॥ पूजा अर्चन भक्ति मन, आरत दीप कपूर।महाशक्ति कात्यायनी, चारु सीथ सिन्दूर॥ रोग शोक भयहारिणी, शत्रु विनाशिनि अम्ब।त्रिविध आपदा तम हरो, कल्याणी जगदम्ब॥ विकट धूम्रलोचन असुर, भरी अम्ब हुंकार।भष्म हुआ पल में असुर, महिमा मातु अपार॥ कृपासिंधु कात्यायनी, शक्ति … Read more

हाथ बढ़ा प्रभु मंगल कीजे

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** है अति बेकल नैन हमारे।दर्शन को प्रभु राम तुम्हारे॥देकर दर्शन काज सँवारो।नाथ हमें भव से अब तारो॥ थाल सजाकर मैं प्रभु आई।पूजन पूर्ण करो रघुराई॥हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै।हे हरि पूर्ण मनोरथ कीजै॥ हूँ कब से प्रभु हाथ पसारे।आप बिना प्रभु कौन हमारे॥हे प्रभु देर नहीं अब कीजै।दर्शन राम मुझे अब … Read more

करूँ मातु मन नमन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* करूँ चंद्रघण्टा नमन, आराधन माँ शक्ति।दिवस तृतीया पुण्यदा, तन मन अर्पित भक्ति॥ तजी प्रकृति मधु शान्ति माँ, धरी भयावह रूप।करें चन्द्रघण्टा नमन, देवासुर नर भूप॥ जवाकुसुम गलमाल माँ, शोभित हैँ संसार।त्रिपुरसुंदरी मातु जग, दहशत करो प्रहार॥ मातु चंद्रघण्टा हरो, महिषासुर बहु लोक।माता तारा तारणी, राष्ट्रद्रोह अब रोक॥ गहन लोभ … Read more

चंद्रघंटा माता नमन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* दिवस तीसरा तापमय, करता है कल्याण।मातु चंद्रघंटा नमन्, जो पापों पर बाण॥ लाल रंग भाता जिन्हें, अति भाती है खीर।माता करतीं दूर नित, हम भक्तों की पीर॥ सिंह सवारी मातु की, खड्ग हाथ में अस्त्र।पापी का संहार कर, धारण करतीं शस्त्र॥ स्वर्ण रंग है तेजमय, शोभित चंद्र ललाट।असुरों की नहिं ख़ैर … Read more

पूजन शक्ति विधान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मास चैत्र नववर्ष में, पूजन शक्ति विधान।गुप्त पुण्य में, अनुष्ठान माँ गान॥ नवदुर्गा पूजन करूँ, नारी शक्ति महान।माँ तारा जग तारिणी,भक्ति शक्ति दो दान॥ करूँ शैलजा परिक्रमा, सुता हिमालय आज।माँ शरणागतवत्सला, सप्तशती आगाज॥ ब्रह्मचारिणी वन्दना, चैत्र मास नवरात्र।हो नवग्रह पूजा प्रथम, मातु कृपा बन पात्र॥ कलश स्थापना हो प्रथम, … Read more