लापरवाही विनेश की, किसी का भी दोष नहीं

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** आज का दिन खेल इतिहास में दुखद दिन के रूप में सदैव याद रखा जाएगा। कल तक पूरा भारत खुश था कि, हमें एक पदक निश्चित रूप से मिलेगा ही मिलेगा, पर कहते हैं ना “किस्मत कब बदल जाए, यह कोई नहीं कह सकता।” देश में खुशी के पल … Read more

खुदा ही खुदा

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** खुदा की तलाश किसे नहीं, सबको है, लेकिन जिसे है, वह इस शहर में आए गड्डापुर। यहाँ आपकी तलाश पूरी होगी। ऐसी शर्तिया गारंटी है, जैसे-दाद, खाज, खुजली, नासूर, भगंदर, नपुंसकता का इलाज और खोए हुए प्यार दिलाने वाले विज्ञापन देते हैं।यूँ तो विकास और खुदाई का चोली-दामन का साथ … Read more

कहानी सम्राट प्रेमचंद

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** मुंशी जी-कथा संवेदना के पितामह… हैं सम्राट कहानी के,छोटी-छोटी सी बात कहीजिस युग की छवि इंगित की है,उस युग की सारी बात कहीकैसे होरी का क़र्ज़ बढ़ा,क्या थी धनिया की व्यथित कथाकिस हाल में जीता था किसान,बस लिख डाला विस्तृत बयानहामिद का चिमटा हो गया प्रसिद्ध,‘बूढ़ी काकी’ का हाल लिखा।भाषा भी सीधी-साधी … Read more

प्रेमचंद जी की भाव अनुरागी साहित्य-तरंगिणी

डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* मुंशी जी:कथा संवेदना के पितामह… साहित्य का किसलिए निर्माण किया जाता है ? इसके जवाब के लिए मुंशी प्रेमचंद जी के शब्दों का आधार लें तो, “साहित्य केवल मनोरंजन की वस्तु नहीं और नायक एवं नायिका के विरह और मिलन का राग नहीं अलापता। उसका उद्देश्य है बहुत दूरगामी है। जीवन … Read more

समय साबित करता है योग्यता

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** संसार परिवर्तनशील है, और यहाँ पर कुछ भी स्थायी नहीं रहता है, पर समय की अनेक करवटें देख चुका मनुष्य इसे अक्सर भूल जाता है और बिना जाने एवं दूर का सोचे ऐसा-ऐसा कह और कर देता है, जो भविष्य में उसकी इज्जत, शोहरत, चाहत और रिश्तों की गरिमा को बिगाड़ देता … Read more

पड़ोसी देशों में भारत-विरोधी सरकारों से सतर्क रहें

ललित गर्ग दिल्ली************************************** भारत के पडोसी देशों में अस्थिरता एवं अराजकता का माहौल चिन्ताजनक है। बांग्लादेश के साथ-साथ भारत के पड़ोसी मुल्कों में हुए हालिया अराजक, हिंसक एवं अस्थिरता के घटनाक्रमों से एक तस्वीर बनती है एवं सन्देश उभर कर आता है, वह है चीन द्वारा भारत विरोधी सरकारों के गठन की साजिश। सिर्फ बांग्लादेश … Read more

सूर्योदय-सा हुआ मुंशी प्रेमचंद का अभ्युदय

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ मुंशी जी-कथा संवेदना के पितामह … हिन्दी कहानी जगत में मुंशी प्रेमचंद का अभ्युदय सूर्योदय की भांति हुआ, जो माघ पूस की बर्फीली सर्दी में धूप का सुख प्रदान करता है। वे अपनी कहानी में जो स्वानुभूत पीड़ा से उद्भूत कथ्य शिल्प लेकर आए, उसमें क्लान्त श्रांत मानवता की बहुआयामी पीड़ा से लेकर … Read more

मानवता की रक्षा और जीवन

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* सृष्टि रचयिता को शत्-शत् नमन।समय के लिए भी कहा जा सकता है कि, यह सृष्टि में अंतहीन है। अर्थात सृष्टि का समय अंतहीन है। यह बदलता रहता है और बदलाव के साथ-साथ सृष्टि की प्रत्येक भौतिक संरचना को भी बदला करता है।आध्यात्मिक इतिहास के अनुसार,-सतयुग में भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश, … Read more

जादुई संवेदनाओं को जगाता सशक्त माध्यम ‘दोस्ती’

ललित गर्ग दिल्ली************************************** मित्रता हर रिश्ते में प्रेम, विश्वास एवं आत्मीयता का रस घोलती है। दोस्ती एक अनूठा एवं विलक्षण रिश्ता है, जिसमें हम बिना संकोच के अपनी वास्तविकता प्रकट कर देते हैं। यह रिश्ता कर्तव्यों, नियमों एवं बंधनों से मुक्त है। यह रिश्ता हमें स्वतंत्रता देता है, जिससे हम जैसे हैं, वैसे ही रह … Read more

भारत का मन

डॉ. विकास दवेइंदौर(मध्य प्रदेश ) ******************************************** इन दिनों व्हाट्सएप जैसे आधुनिक संप्रेषण माध्यमों में बढ़ रही अनर्गल सामग्री और रील्स की भरमार के युग में हम सब इन चलचित्रों (वीडियो) को देख-देख कर हैरान-परेशान हैं। कई बार तो मन करता है कि, एक भी वीडियो डाउनलोड न करें, क्योंकि जिस तरह की अनर्गल और बेसिर-पैर … Read more