नारी की रक्षा नहीं, सामर्थ्य का सम्मान हो
ललित गर्गदिल्ली****************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)… रक्षाबंधन केवल कलाई पर बंधा हुआ एक धागा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस विराट चेतना का प्रतीक है जिसमें प्रेम, विश्वास, दायित्व, आत्मीयता और संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। लेकिन बदलते समय में इस पर्व के अर्थ को भी नए सिरे से समझने की जरूरत है। … Read more