पारंपरिक शिक्षा से बर्बाद होता  युवाओं का भविष्य

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** भारत को युवा शक्ति का देश कहा जाता है और यह माना जाता है कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी के हाथों में होता है, किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि जिस शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को बदलते समय की चुनौतियों के लिए तैयार किया … Read more

पुस्तकों को पकड़ कर रखो

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** अब्राहम लिंकन ने कहा था कि “पुस्तकें आदमी को यह बताने के काम में आती हैं कि उनके ये मूल विचार इतने भी नये नहीं हैं।”    यह सच भी है कि किताबों से गुजरना श्रेष्ठ अनुभवों से गुजरने जैसा है। किताबें पढ़ने से बड़ा सुख शायद ही कोई हो। इसी लिए पुस्तकों यानी … Read more

लेखक का कर्म ‘सृजन’ और धर्म ‘लोकमंगल’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उसका मार्गदर्शक भी होता है। लेखक केवल शब्दों का शिल्पी नहीं, बल्कि युग-चेतना का संवाहक, संस्कृति का संरक्षक और मानवीय मूल्यों का प्रहरी होता है। इसलिए लेखकों का कर्म और धर्म सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा अधिक उत्तरदायित्वपूर्ण माना जाता है।लेखक का प्रथम कर्म … Read more

हर सफलता में उनका योगदान

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* मेरी असली प्रेरणा मेरे पिता जी हैं। मैंने उन्हीं की छात्र-छाया में आज अपनी मंजिल पायी है। आप ही वो वटवृक्ष हो, जिसकी छाया में मन प्रफुल्लित होता है। सदा मन कहता है कि आपके मतानुसार चलती रहूँ। आप ही जीवन हो, आप ही शक्ति हो, आप ही ताकत हो, आप … Read more

स्मार्टफोन : सेवा का साधन बने, स्वामी नहीं

ललित गर्गदिल्ली*********************************** विज्ञान और तकनीक ने मानव सभ्यता को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। आज का युग डिजिटल युग है, जहां एक क्लिक पर पूरी दुनिया हमारी हथेली में सिमट आई है। स्मार्ट फोन ने संचार, शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग, स्वास्थ्य, शासन और सामाजिक संबंधों को नई दिशा दी है, लेकिन हर तकनीकी क्रांति अपने साथ … Read more

वरिष्ठ लेखक डॉ. शैलेश शुक्ला ‘पत्रकार रत्न सम्मान’ से अलंकृत

लखनऊ (उप्र)। हिंदी पत्रकारिता, साहित्य, जनसंचार और वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार, शोधकर्ता और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त मीडिया विशेषज्ञ डॉ. शैलेश शुक्ला को अखिल भारतीय काव्य, कथा एवं कला परिषद, महू (इंदौर) द्वारा प्रतिष्ठित ‘पत्रकार रत्न सम्मान’ से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान … Read more

‘योग’ केवल रोगों से मुक्ति नहीं, चरित्र निर्माण और सामाजिक पुनर्निर्माण भी

ललित गर्गदिल्ली*********************************** विश्व योग दिवस (२१ जून) विशेष… आज जब पूरी दुनिया युद्धों, आतंकवाद, हिंसा, मानसिक तनाव, पर्यावरणीय संकट और नई-नई बीमारियों की चुनौतियों से घिरी हुई है, तब मानवता एक ऐसे मार्ग की तलाश में है जो केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को भी संतुलित कर सके। ऐसे संक्रमणकाल … Read more

पीछे के असली नायक पिता ही

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ माता-पिता दोनों ही बच्चों को सब कुछ देकर राजदुलारे को दुनिया का सबसे अच्छा व सच्चा व्यक्ति बनाना चाहते है। माँ की ममता के प्रति कुछ भी लिखना सूरज को दीपक दिखाने के बराबर है, वहीं पिता हम बच्चों के लिए सबसे बड़े पथ प्रदर्शक होते हैं। बाहर से कठोर दिखाई … Read more

सब कुछ दांव पर, हिंदी में न्याय के लिए संघर्षरत एक अधिवक्ता

पटना उच्च न्यायालय, जहां संविधान के अनुच्छेद ३४८ (२) के उपबंध के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की सहमति से हिंदी को मान्यता प्राप्त है; वहाँ भी किस प्रकार हिंदी में याचिका और बहस करने के परिणामस्वरुप एक अधिवक्ता को प्रताड़ित किया जा रहा है, उसे सरकारी वकील पद से गैर कानूनी ढंग से हटा दिया … Read more

नशे की गिरफ्त में युवा भारत, बड़ा खतरा

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* आज का युवा भारत बुरी तरह से नशे की गिरफ्त में फँस चुका है। यह एक अत्यंत गंभीर और विकराल समस्या बन गई है। ड्रग्स और शराब जैसी घातक लतों के कारण युवाओं का भविष्य अंधकारमय दिखाई दे रहा है। उनके सामने प्रश्न खड़ा हो गया है कि वे क्या करें … Read more