प्रेमचंद जी की भाव अनुरागी साहित्य-तरंगिणी
डॉ. मीना श्रीवास्तवठाणे (महाराष्ट्र)******************************************* मुंशी जी:कथा संवेदना के पितामह… साहित्य का किसलिए निर्माण किया जाता है ? इसके जवाब के लिए मुंशी प्रेमचंद जी के शब्दों का आधार लें तो, “साहित्य केवल मनोरंजन की वस्तु नहीं और नायक एवं नायिका के विरह और मिलन का राग नहीं अलापता। उसका उद्देश्य है बहुत दूरगामी है। जीवन … Read more