होली की रंग-बिरंगी स्मृतियाँ
पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ जूही होली की तैयारियों में व्यस्त थी। लगभग एक हफ्ते पहले से उसने तैयारियाँ शुरू कर दीं थीं, तभी फोन की घंटी बजी थी, प्यारी ननद सीमा थी,-“भाभी, आपने काँजी डाल ली ? ““हाँ दीदी, अभी तो काम खतम करके ही किचन से बाहर आई हूँ।”“आप बताइए, आपकी तो पहली होली है…। … Read more