शोर बहुत
डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** दायरे और बढ़े ये कोई अच्छा तो नहीं,वो सुधर जाएगा ऐसा कोई वायदा तो नहीं। शहर में शौर है सड़कों पे हैं इंसान बहुत,होने वाला है यहीं आज कोई जलसा तो नहीं। झूठ को सच में बदलना उसे आता ही नहीं,आईना आईना है, उसका कोई अपना तो नहीं। उसने देखा … Read more