पानी सदा अनमोल

डॉ.एन.के. सेठी ‘नवल’बांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* नीर सदा अनमोल,समझें इसी का मोलजीवन का ये आधार,व्यर्थ न बहाइए॥ सूख गए नदी ताल,जीव सभी हैं बेहालअपने ही पाँवों पे न,कुल्हाड़ी चलाइए॥ कट रहे वृक्ष सभी,समय बचा है अभी,पर्यावरण सुरक्षा,सभी अपनाइए॥ प्रकृति से छेड़छाड़,करें नहीं मार-धाड़,प्राकृतिक जीवन को,जीवन्त बनाइए॥ बिना पानी सूना सब,बचेगा न कुछ अब,गलती सुधारें नर,इसी में … Read more

दिल… जब निचोड़ा जाता होगा

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* दिल का सारा दर्द जब निचोड़ा जाता होगा,क्या कागज़ भी दर्द से तड़प उठता होगा ? शिकायतों का पुलिंदा जब धरा जाता होगा,दिल सिकुड़ के कितना दब जाता होगा ? वफा-ए-मोहब्बत का तराना छेड़ा जाता होगा,क्या नाजुक-सा दिल धक-धक धड़कता होगा ? आखिर कितने ग़म रोज़ ही सहता होगा,फूल-सा कोमल दिल … Read more

वृक्ष की व्यथा

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* पौधा बोला-मुझे लगाओवृक्ष ने कहा-मुझे बचाओ। डाली रुदन स्वर में झुक करबोली-मुझे मत काटोपत्ते करुणा से लिपट कर,जाहिर किए-मुझे मत तोड़ो। फूल कहे माली से-मुझे खिलने दो, खिलखिलाने दोफल पेड़ों पर लद गए,उस पर पत्थर मत मारो। जब हम और आप समझ,जाएंगे वृक्ष की ये व्यथा कथागर अब नहीं कर सके,वृक्ष … Read more

भूख से बड़ी वेदना नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* भूख से बड़ी वेदना नहीं है यह तो समझो,मिल जाए रोटी यही कामना, यह तो समझो। भूख तो मानव जीवन का ही है हिस्सा,पेट को भरने का ही तो है देखो सब किस्सा। पेट भरा हो तो दुनिया लगती अति प्यारी है,भूख के आगे यह सारी दुनिया ही सारी है। भूख … Read more

सुगंधी बारातें

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** अब झरने लगे हैं नीम के फूल ही फूल,हवाओं पर हो सवार, उतरने लगे हैं गुल। कभी रिमझिम से, मध्यम, कभी झमाझम,बिछड़कर गजरों से, तेज धूप में चमाचम। फूलों की बरसात-सी चलने लगी है,नीम की सौरभ अब, घुलने लगी है। सुरभित-सी हवा अब, चलने लगी है,भोर और साँझें अब सजने लगी … Read more

दोस्ती में जरूरी नहीं-

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* दोस्ती में ज़रूरी नहीं-हर बात पर सहमति हो,बात तो तब बनेमतभेद भी रहें और,बहस भी सही हो। दोस्ती में ज़रूरी नहीं-एक जैसा व्यवहार हो,बात तो तब बनेएक-दूसरे को,अच्छे से समझ लें। दोस्ती में ज़रूरी नहीं-हमेशा एक-दूजे को परखना,बात तो तब बनेगुण और दोषों सहितएक-दूजे का स्वीकार करना। दोस्ती में ज़रूरी नहीं-उपदेश … Read more

दोस्त ही अपना होता

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वही सच्चा साथी होता है,जो दु:ख-सुख में साथ देजो एक-दूसरे का कभी भी साथ ना छोड़े,क्योंकि दोस्त ही हमारा अपना होता है। उसकी दोस्ती सच्ची,जो अपने दोस्तों को कभी नहीं भूलतादो जिस्म जरूर होते हैं, पर एक जान हैं,वही हमारा सच्चा दोस्त जो अपना होता है। रिश्ते तो बहुत हैं … Read more

शब्दों की छाँव में एक दिन

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** पंखा अपनी पूरी ताक़त से घूम रहा है,जैसे थकी हुई उम्मीदों कोहवा देने की आखिरी कोशिश कर रहा हो,पर शब्द हैं कि उफ़ तक नहीं करतेकहीं भीग रहे हैं बाल्टी में रखे सपनों की तरह। खिड़की से आती हैपड़ोस की झोंपड़ी की आवाज़,जहाँ पाँच साल का छोटूगेंद नहीं, रोटियों की … Read more

कुछ कदम तुम चलो

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* कुछ कदम तुम चलो, कुछ कदम हम चलें।हरी इन वादियों में फूल प्यार के खिलें॥ बहती हुई नदियाँ जीवन की धारा है।गोद में पहाड़ के प्रेम ही समाया है॥सपने सुहाने अब नैनों में पलें,कुछ कदम तुम चलो, कुछ कदम हम चलें…॥ कलरव कर रहे पँछियों का शोर है।नदी का किनारा … Read more

कला और कलाकार की दुनिया

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* कला और कलाकार की दुनिया,अद्भुत कलाओं की सृजनशीलता। तूलिका से रंग-बिरंगी छवि बना दे रंगरेज,भावों को जैसे जीवित कर दे चित्रकार। संगीत जीवन में बहारें संग उमंग जगाएं,नृत्य की थाप में तन-मन हिलोरे खाएं। कला के कलात्मक रूप अनेक,मूर्तिकार गढ़ते मूर्ति और मंदिर मनभावन। ये दुनिया एक विशाल मंच है,हम सब … Read more